धनबाद नगर निगम के सभी 55 वार्डों में स्थानीय भागीदारी बढ़ाने के लिए वार्ड समितियां गठित की जाएंगी। नगर निगम बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। प्रत्येक समिति में अधिकतम 10 सदस्य होंगे और संबंधित वार्ड के निर्वाचित पार्षद इसकी अध्यक्षता करेंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था में वार्ड समिति अपने क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों और योजनाओं की पहचान करेगी। चयनित योजनाओं को पार्षद के माध्यम से नगर निगम बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इससे मोहल्लों की प्राथमिकताओं को नगर निकाय की योजना प्रक्रिया तक पहुंचाने के लिए वार्ड स्तर पर एक औपचारिक मंच उपलब्ध होगा।
समिति की सदस्य संख्या वार्ड की आबादी के आधार पर तय होगी। पांच हजार तक की आबादी वाले वार्ड में शुरुआती दो हजार लोगों के लिए चार मनोनीत सदस्य रखे जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त दो हजार की आबादी या उसके किसी हिस्से पर एक और सदस्य शामिल किया जाएगा, लेकिन कुल संख्या 10 से अधिक नहीं होगी।
मनोनीत सदस्यों में कम से कम एक तिहाई स्थान वार्ड में पंजीकृत कल्याण संगठनों और समुदाय आधारित संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए होगा। कम से कम आधी सदस्य महिलाएं होंगी। सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों को भी समिति में स्थान दिया जा सकता है। नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा मनोनीत अधिकारी सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे और बैठकों की कार्यवाही दर्ज करेंगे।
नगरपालिका के बजट में रखरखाव के लिए निर्धारित राशि का 20 प्रतिशत वार्ड समितियों को आवंटित करने का प्रावधान बताया गया है। इस राशि का उपयोग जलापूर्ति, सफाई, नालियों, स्ट्रीट लाइट, पार्क और बाजार जैसी नागरिक सेवाओं के रखरखाव में किया जा सकेगा। बजट के आवंटन और उपयोग की प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित तरीके के अनुसार होगी।
समितियां ठोस कचरा प्रबंधन, सड़कों की मरम्मत, पार्कों और खेल मैदानों की देखरेख जैसे कार्यों पर भी नजर रखेंगी। नगर निगम के नियंत्रण वाले स्कूलों, औषधालयों और स्वास्थ्य केंद्रों के कामकाज की निगरानी, कला-संस्कृति एवं खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा नगर निकाय के कर और शुल्क संग्रह में सहयोग भी इनके दायरे में शामिल होगा।