नेतरहाट ईको-सेंसिटिव जोन में निर्माण तत्काल रोकने का निर्देश

पलामू व्याघ्र परियोजना प्रबंधन ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश और 2019 की अधिसूचना का हवाला देते हुए सरकारी व निजी निर्माण के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य बताई है।

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लातेहार जिले के नेतरहाट ईको-सेंसिटिव जोन में चल रहे निर्माण कार्यों को तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है। पलामू व्याघ्र परियोजना के दक्षिणी प्रमंडल ने कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और सक्षम प्राधिकारियों की स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण दोबारा शुरू किया जा सकता है। यह व्यवस्था सरकारी और निजी, दोनों तरह के निर्माण पर लागू होगी।

परियोजना के उप निदेशक कार्यालय ने 27 अक्टूबर 2026 को भवन प्रमंडल, लातेहार के प्रबंधक-सह-कार्यपालक अभियंता को इस संबंध में पत्र भेजा। पत्र में कहा गया कि नेतरहाट ईको-सेंसिटिव जोन में संबंधित कार्यालय की ओर से निर्माण कराए जाने की सूचना मिलने के बाद काम बंद करने का निर्देश जारी किया गया है।

आदेश में झारखंड हाईकोर्ट में विचाराधीन प्रदीप कुमार साहू बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य मामले का उल्लेख किया गया है। परियोजना प्रबंधन के मुताबिक, अदालत ने 26 मार्च 2026 को पारित अंतरिम आदेश में ईको-सेंसिटिव जोन के भीतर निर्माण स्थगित रखने को कहा था। अंतिम फैसला आने तक निर्माण गतिविधियों को उस आदेश के दायरे में रखने की बात कही गई है।

पत्र में नौ अगस्त 2019 को जारी नेतरहाट ईको-सेंसिटिव जोन की अधिसूचना का भी हवाला है। इसके अनुसार निर्माण शुरू करने से पहले ईएसजेड निगरानी समिति की अनुमति तथा अन्य सक्षम अधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियां लेना अनिवार्य है। मौजूदा काम रोककर पहले इन प्रक्रियाओं का पालन करने को कहा गया है।

पलामू व्याघ्र परियोजना के उप निदेशक कुमार आशीष ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद निर्माण रोकने का निर्देश दिया गया। उनके अनुसार, यदि निजी निर्माण पर पर्यावरण संबंधी नियम लागू होते हैं तो सरकारी कार्यों में भी उन्हीं प्रावधानों का पालन जरूरी है। अनुमति प्राप्त किए बिना किसी निर्माण को नियमों से छूट नहीं दी जा सकती।

निर्देश की प्रतिलिपि महुआडांड़ के अनुमंडल पदाधिकारी और नेतरहाट थाना प्रभारी को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इस आदेश के बाद क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं और अन्य निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरणीय अनुमति तथा निगरानी समिति की स्वीकृति की स्थिति जांचनी होगी।