धनबाद नगर निगम बोर्ड ने 103 सार्वजनिक शौचालय समेत 39 योजनाओं को दी मंजूरी

नगर निगम बोर्ड ने नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे से जुड़ी 39 योजनाएं मंजूर कीं। सार्वजनिक शौचालयों के लिए पार्षदों से सरकारी जमीन की सूची मांगी गई है।

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धनबाद नगर निगम बोर्ड की बैठक में उपस्थित महापौर, पार्षद और अधिकारी

धनबाद नगर निगम बोर्ड ने शहर में 103 नए सार्वजनिक शौचालय बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बुधवार को बाबूडीह विवाह भवन में महापौर संजीव सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नागरिक सुविधाओं और विकास से जुड़ी कुल 39 योजनाएं स्वीकृत की गईं। शौचालय निर्माण के लिए पार्षदों से उपलब्ध सरकारी जमीन की सूची मांगी गई है।

बैठक में तय किया गया कि निर्धारित शिड्यूल रेट से 10 प्रतिशत से भी कम दर पर निविदा डालने वाले संवेदकों को काम नहीं दिया जाएगा। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। बोर्ड ने 50 योजनाओं की समय-सीमा बढ़ाने और नगर निगम के 53 संविदाकर्मियों को दो महीने का सेवा विस्तार देने का निर्णय भी लिया।

निगम को तीन नए मोक्ष वाहन मिलने की जानकारी बैठक में दी गई। इसके साथ श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों की सुविधाएं सुधारने, दैनिक वेतन पर अमीन रखने तथा टोल टैक्स से प्राप्त राशि के जरिए शहर में विकास कार्य कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली।

बोर्ड ने कई बड़ी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने का प्रस्ताव पारित किया है। इनमें कतरास के लिलोरी स्थान पर अंतरराज्यीय बस अड्डा, हीरापुर मार्केट का तीन चरणों में पुनर्विकास, एक हजार व्यावसायिक दुकानें और बरटांड़ बस स्टैंड का उन्नयन शामिल है। दामोदर रिवरफ्रंट और इंडोर स्टेडियम की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। डीपीआर बनने के बाद इनके क्रियान्वयन की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ट्रैफिक लाइट, सीसीटीवी कैमरे और प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की योजना है। इसके तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पार्कों और खेल मैदानों का पीपीपी मॉडल पर उन्नयन करने के साथ बाजार, विवाह भवन, बहुद्देश्यीय भवन और आधुनिक स्मार्ट टाउन हॉल विकसित करने की योजना भी स्वीकृत प्रस्तावों में शामिल है।

बैठक में पार्षदों ने योजनाओं के चयन और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के लंबित मामलों पर सवाल उठाए। पानी के कनेक्शन में कथित गड़बड़ी का मुद्दा भी सामने आया। महापौर ने इस मामले की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नगर निगम की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।