धनबाद भवन प्रमंडल कार्यालय में टेंडर से जुड़े विवाद के दौरान हुई मारपीट के मामले में स्थानीय संवेदक एकजुट हो गए हैं। संवेदक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को धनबाद थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोनों पक्षों की शिकायतों पर समान कार्रवाई करने की मांग रखी।
स्थानीय संवेदकों का आरोप है कि भवन प्रमंडल में उन्हें नजरअंदाज कर बाहर से आने वाले संवेदकों को काम दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर तीन दिन पहले विभागीय कार्यालय में विवाद हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। ये दावे संवेदकों की ओर से किए गए हैं और मामले की जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
संघ का कहना है कि जमशेदपुर से आए संवेदक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई, जबकि स्थानीय ठेकेदारों की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। संघ अध्यक्ष आकाश रवानी ने किसी एक पक्ष को निशाना बनाने के बजाय दोनों शिकायतों की जांच की मांग की। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर एसएसपी के समक्ष मामला रखने और आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
विवाद भवन प्रमंडल विभाग के करीब ढाई करोड़ रुपये के ऑनलाइन टेंडर से जुड़ा बताया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमशेदपुर से पहुंचे संवेदक बुधवार को एग्रीमेंट की प्रक्रिया के लिए कार्यालय आए थे। इसी दौरान स्थानीय संवेदकों ने विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।
दूसरे पक्ष से बेकारबांध निवासी उपेंद्र कुमार ने भी धनबाद थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने दो सितंबर को भवन प्रमंडल कार्यालय के पास हुई घटना को लेकर ऋषभ कुमार, सुमित कुमार और सहायक अभियंता रोहित मिश्रा पर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है।
इससे पहले जमशेदपुर के गोविंदपुर निवासी संवेदक ऋषभ कुमार की शिकायत पर ओपी यादव और समीर मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब स्थानीय संवेदक संघ की मांग है कि पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और घटनाक्रम की जांच कर आगे की कार्रवाई करे।