धनबाद में कोयला चोरी के आरोपों की समीक्षा, चार दिन में मांगी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट

मुख्यमंत्री के निर्देश पर झामुमो के तीन सांसदों ने धनबाद में प्रशासन और कोयला कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। कोयला चोरी से जुड़े आरोपों पर चार दिन में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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धनबाद में कोयला चोरी से जुड़े आरोपों की समीक्षा करते सांसद और अधिकारी

धनबाद में कोयला चोरी से जुड़े आरोपों और उससे राज्य की छवि पर पड़ रहे असर को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के तीन सांसदों ने पुलिस-प्रशासन तथा कोयला कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सांसद महुआ माजी, सरफराज अहमद और विजय हांसदा धनबाद पहुंचे थे। बैठक का उद्देश्य गड़बड़ियों की जानकारी जुटाना और उनकी रोकथाम के लिए जवाबदेही तय करना बताया गया।

बैठक के बाद महुआ माजी ने कहा कि कोयला चोरी के कारण झारखंड की राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हो रही है और राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। उनके अनुसार, कोयला कंपनियों से चार दिन के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार आवश्यक निर्णय लेगी।

सांसद ने बताया कि बैठक में पुलिस-प्रशासन और कोयला कंपनियों की ओर से एक-दूसरे की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट में कोयला वाहनों की आवाजाही, थानों में की गई शिकायतों और प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की स्थिति में उसके कारण जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने का प्रयास होगा।

समीक्षा के दौरान खनन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की शिकायतें भी सामने रखी गईं। इनमें ब्लास्टिंग से होने वाली परेशानी और भूमिगत आग तथा भू-धंसान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का विषय शामिल था। बैठक में बताया गया कि बीसीसीएल अपने कर्मचारियों के पुनर्वास से जुड़े मामलों को देखता है, जबकि गैर-बीसीसीएल परिवारों का पुनर्वास जेआरडीए के माध्यम से होना है।

महुआ माजी ने कहा कि पुनर्वास और कोयला क्षेत्र से जुड़े विषय सात सितंबर से होने वाली कोयला एवं इस्पात समिति की बैठक में भी उठाए जाएंगे। बैठक में धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक तकनीक संजय सिंह तथा ईसीएल और सेल समेत संबंधित संस्थानों के अधिकारी उपस्थित थे।