धनबाद में वाहन खरीद के रुझान में बदलाव दर्ज किया गया है। परिवहन विभाग के पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से 2025 के बीच पेट्रोल वाहनों की संख्या 18.8 प्रतिशत घटी, जबकि इसी अवधि में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में 29.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वर्ष 2024 में जिले में 42,416 पेट्रोल वाहन पंजीकृत किए गए थे। 2025 में यह संख्या घटकर 34,454 रह गई। इस तरह एक साल में 7,962 कम पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण हुआ। इसके उलट, इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 2024 के 3,819 से बढ़कर 2025 में 4,948 हो गई। यह 1,129 वाहनों की बढ़ोतरी है।
चालू वर्ष के आंकड़ों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की उल्लेखनीय हिस्सेदारी दिखाई देती है। अगस्त 2026 तक धनबाद में 3,636 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। यह संख्या पूरे 2025 में दर्ज इलेक्ट्रिक वाहनों के 73.5 प्रतिशत के बराबर है, जबकि वर्ष समाप्त होने में चार महीने शेष हैं।
डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण का अंतर भी कम हुआ है। वर्ष 2024 में 4,570 डीजल और 3,819 इलेक्ट्रिक वाहन दर्ज हुए थे। 2025 में दोनों आंकड़े क्रमशः 5,225 और 4,948 रहे। अगस्त 2026 तक 3,837 डीजल और 3,636 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए हैं। दोनों श्रेणियों के बीच अब 201 वाहनों का अंतर है।
सभी श्रेणियों को मिलाकर जिले में 2022 में 51,292 और 2023 में 54,979 वाहन पंजीकृत हुए थे। यह संख्या 2024 में 53,322 रही, जबकि 2025 में बढ़कर 63,419 पर पहुंच गई। वर्ष 2026 में अगस्त तक कुल 42,736 वाहनों का पंजीकरण दर्ज किया जा चुका है।
उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि पेट्रोल वाहनों का पंजीकरण घटने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदगी बढ़ रही है। कम परिचालन खर्च और वाहन चलने के दौरान निकास धुआं नहीं निकलना इलेक्ट्रिक विकल्प की प्रमुख विशेषताएं हैं। हालांकि इनके समग्र पर्यावरणीय प्रभाव में बैटरी निर्माण और बिजली उत्पादन के स्रोत की भूमिका भी रहती है।