धनबाद में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी का आरोप, युवक गिरफ्तार

भूली ओपी क्षेत्र के पांडरपाला दास बस्ती से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल नंबरों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 53 शिकायतें जुड़ी मिली हैं।

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धनबाद के भूली ओपी क्षेत्र में साइबर ठगी के आरोप में युवक की गिरफ्तारी

धनबाद के भूली ओपी क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई पांडरपाला दास बस्ती में की गई। पुलिस ने गिरफ्तार युवक की पहचान राहुल कुमार दास के रूप में बताई है। उसके पास से दो स्मार्टफोन भी बरामद किए गए हैं।

प्रभारी साइबर डीएसपी प्रकाश कुमार साव के अनुसार, 27 सितंबर की शाम राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से साइबर धोखाधड़ी किए जाने का अलर्ट मिला था। इसके बाद तकनीकी शाखा ने संबंधित नंबर की जांच की और उसकी लोकेशन पांडरपाला दास बस्ती में मिलने की जानकारी दी।

पुलिस का कहना है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई और बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई। टीम को देखकर संदिग्ध युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से सैमसंग और रियलमी कंपनी के एक-एक स्मार्टफोन मिलने की बात कही गई है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, बरामद दोनों मोबाइल के नंबरों और आईएमईआई की जानकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांची गई। इस पड़ताल में देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराध से संबंधित कुल 53 शिकायतें इनसे जुड़ी मिलीं। ये शिकायतें किन मामलों और कितनी रकम से संबंधित हैं, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

पुलिस का आरोप है कि युवक लोगों को फोन पर स्वयं को बैंक अधिकारी बताता था और उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से रकम निकालता था। फिलहाल यह पुलिस का प्रारंभिक दावा है। शिकायतों में युवक की भूमिका और प्रत्येक मामले से उसका संबंध आगे की जांच में स्पष्ट होना बाकी है।

पुलिस अब गिरफ्तार युवक से पूछताछ कर कथित साइबर ठगी के नेटवर्क तथा अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले के बैक-लिंकेज की भी जांच की जा रही है। उपलब्ध विवरण में अभी किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी या जांच पूरी होने की सूचना नहीं दी गई है।