लातेहार जिले के बरवाडीह स्थित बेतला नेशनल पार्क क्षेत्र में पांच हिरणों के शिकार का मामला सामने आया है। पलामू टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मूड़ू गांव में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रबंधन के अनुसार, मामले में चार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन को शिकार से जुड़ा एक वीडियो मिला था। अधिकारियों के मुताबिक, एआई उपकरणों की मदद से इस वीडियो के आधार पर घटना की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मूड़ू गांव में छापेमारी कर संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई की।
प्रबंधन का कहना है कि आरोपियों ने हिरणों को पकड़ने के लिए फंदा लगाया था। इस फंदे में पांच हिरण फंस गए। इनमें से दो हिरणों को शिकारी अपने साथ ले गए, जबकि तीन को घटनास्थल पर छोड़ दिया गया था। अधिकारियों ने इस संबंध में मिली सूचनाओं के आधार पर आगे की जांच शुरू की है।
गिरफ्तार लोगों की पहचान संतोष सिंह, सीताराम सिंह और सुरेंद्र राम के रूप में बताई गई है। तीनों मूड़ू गांव के निवासी हैं। टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने भोजन के लिए हिरणों का शिकार करने की बात कही है। यह जांच के दौरान सामने आया दावा है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पलामू टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना ने तीन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चार आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए संबंधित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रबंधन ने प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा अधिकारी को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाया है।
वन विभाग की टीम अब घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका और शिकार से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। बेतला नेशनल पार्क और उसके आसपास का इलाका पलामू टाइगर रिजर्व का हिस्सा है, इसलिए वन्यजीवों के शिकार की सूचना के बाद रिजर्व प्रबंधन ने जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई अपने स्तर से आगे बढ़ाई है।