धनबाद में बादाम शेक पीने के बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत, खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकान से संबंधित उत्पाद जब्त कर नमूना सुरक्षित रखा है। जांच फिलहाल एक खास बैच तक सीमित है और अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट के बाद निकलेगा।

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धनबाद में बादाम शेक की गुणवत्ता की जांच करता खाद्य सुरक्षा विभाग

धनबाद में बादाम शेक पीने के बाद एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की शिकायत सामने आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग ने उस दुकान का निरीक्षण किया, जहां से उत्पाद खरीदे जाने की बात कही गई है। मौके से संबंधित बादाम शेक जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार के अनुसार, विभाग ने क्रीम मिल्क के डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस जारी किया है। बाजार में उपलब्ध संबंधित उत्पाद वापस मंगाने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास रखे क्रीम मिल्क के उत्पादों को फिलहाल होल्ड पर रखने का निर्देश भी दिया गया है। विभाग ने डिस्ट्रीब्यूटर की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

उत्पाद बनाने वाली कंपनी को भी नोटिस भेजा गया है। कंपनी से संबंधित बैच की जांच रिपोर्ट और उस बैच से जुड़े अन्य विवरण मांगे गए हैं। इसके साथ ही कंपनी को अपने स्तर पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच के दौरान संबंधित उत्पाद के बारे में जरूरी जानकारी उपलब्ध हो सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाजार में क्रीम मिल्क के कई प्रकार के मिल्क शेक उपलब्ध हैं, लेकिन मौजूदा जांच केवल एक खास बैच के बादाम शेक तक सीमित है। इसी बैच से नमूना लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। इसलिए अन्य उत्पादों या बैचों के बारे में अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, किसी उत्पाद की पैकेजिंग, लेबलिंग और लाइसेंस से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने भर से उसकी गुणवत्ता पर अंतिम राय नहीं बनाई जा सकती। उत्पाद के भीतर किसी संभावित गड़बड़ी की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से ही होगी। नमूने की रिपोर्ट आने तक शिकायत और उत्पाद के बीच संबंध को प्रमाणित नहीं माना गया है।

लैब रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग यह तय करेगा कि नमूने में गुणवत्ता संबंधी कोई कमी थी या नहीं और आगे किस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है। फिलहाल उत्पाद को सुरक्षित रखने, संबंधित बैच का विवरण जुटाने और उसकी बिक्री रोकने जैसे एहतियाती कदम उठाए गए हैं। जांच पूरी होने तक बीमारी के कारण को लेकर कोई अंतिम दावा नहीं किया गया है।