प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने सोमवार को धनबाद पहुंचकर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के कामकाज और भावी योजनाओं की समीक्षा की। कोयला भवन स्थित बीसीसीएल मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उत्पादन और डिस्पैच के साथ खदान सुरक्षा, भूमिगत आग के प्रबंधन तथा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास पर विशेष चर्चा हुई। कपूर दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर धनबाद आए हैं।
बैठक में बीसीसीएल के मौजूदा प्रदर्शन और कोयला आपूर्ति की स्थिति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने से संबंधित योजनाएं रखीं। कंपनी की कार्यक्षमता और लाभ बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
समीक्षा के दौरान आधुनिक खनन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने, कोयले की गुणवत्ता सुधारने और वाशरी की क्षमता के विस्तार पर मंथन हुआ। कोल बेड मीथेन परियोजनाओं, कारोबार में विविधता लाने और कामकाज में डिजिटल तकनीक के अधिक उपयोग से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
झरिया कोयलांचल से जुड़े सुरक्षा और पुनर्वास के मुद्दों को बैठक में प्रमुखता दी गई। तरुण कपूर ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था, भूमिगत आग पर नियंत्रण, प्रभावित इलाकों के पुनर्वास और भविष्य की खनन परियोजनाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इन विषयों से संबंधित मौजूदा योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम, कोयला मंत्रालय के सलाहकार परियोजना आलोक कुमार सिंह, वस्त्र मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलका नंदा दयाल और बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। बीसीसीएल के निदेशक, रेलवे तथा एनएचएआई के अधिकारी, विभिन्न एरिया के महाप्रबंधक और मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी चर्चा में शामिल हुए।
धनबाद पहुंचने पर बीसीसीएल गेस्ट हाउस में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने तरुण कपूर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद हुई समीक्षा में कंपनी की क्षमता विस्तार और भावी विकास की दिशा से जुड़े बिंदुओं के साथ झरिया क्षेत्र की सुरक्षा तथा पुनर्वास व्यवस्था पर आगे की कार्ययोजना को केंद्र में रखा गया।