धनबाद में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदित्य रंजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित बैठक में अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग की नई समयसीमा के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा।
बैठक में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और निर्वाचन कर्मियों को निर्धारित अवधि का सख्ती से पालन करने को कहा गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण से संबंधित काम की प्रगति पर प्रतिदिन नजर रखी जाएगी। जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
नो-मैपिंग और तार्किक विसंगतियों वाले मामलों में जारी प्रथम तथा द्वितीय नोटिस के निष्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। जिन मतदाताओं ने बूथ स्तरीय अधिकारियों के घर-घर भ्रमण के बाद भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं, उनका सत्यापन भी समय पर पूरा करने को कहा गया।
प्रपत्र-6, 6ए, 7 और 8 के माध्यम से प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण 31 अक्टूबर तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई है। ये प्रपत्र मतदाता सूची में नाम जोड़ने और प्रविष्टियों से संबंधित दावे, आपत्तियां या बदलाव दर्ज कराने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अधिकारियों को लंबित आवेदनों पर तय कार्यक्रम के अनुसार काम आगे बढ़ाने को कहा गया।
सूची से छूटे पात्र नागरिकों के प्रपत्र-6 का घर-घर जाकर सत्यापन और डिजिटलीकरण एक नवंबर से 12 नवंबर तक किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निष्पादन 23 नवंबर तक सुनिश्चित करने का निर्देश है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 30 नवंबर को संशोधित अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
जिला प्रशासन ने पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र नागरिकों को सूची में शामिल करना और अपात्र प्रविष्टियों को रोकना बताया है। उपायुक्त ने अधिकारियों से पारदर्शी तथा त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने पर जोर देते हुए सभी चरणों को तय अवधि में पूरा करने को कहा।