धनबाद में सिविल सर्जन बनकर WhatsApp के जरिये चार लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह मांग सिविल सर्जन की पहचान का इस्तेमाल करते हुए की गई बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से ऐसे कॉल और मैसेज को लेकर सावधान रहने की अपील की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि WhatsApp के माध्यम से रुपये मांगे गए। मांग की रकम चार लाख रुपये बताई गई है। चूंकि मामला किसी अधिकारी के नाम का उपयोग कर रुपये मांगने से जुड़ा है, इसलिए पुलिस की चेतावनी आम लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कॉल और मैसेज से सतर्क रहना चाहिए। इसका अर्थ है कि किसी भी अपरिचित नंबर या संदिग्ध संदेश पर तुरंत भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर तब जब संदेश में किसी पदाधिकारी का नाम लेकर पैसे की मांग की जा रही हो।
धनबाद में सामने आए इस मामले से सरकारी पदों या अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर होने वाली धोखाधड़ी की आशंका पर ध्यान गया है। उपलब्ध सूचना में केवल इतना बताया गया है कि सिविल सर्जन बनकर WhatsApp से राशि मांगी गई और पुलिस ने सावधानी बरतने की बात कही है।
ऐसे मामलों में नागरिकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी आर्थिक मांग की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें। पुलिस की चेतावनी भी इसी सतर्कता पर केंद्रित है कि फोन कॉल या मैसेज के आधार पर जल्दबाजी में कोई कदम न उठाया जाए।
फिलहाल यह मामला धनबाद से जुड़ा है और पुलिस ने लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। जिन लोगों को किसी अधिकारी के नाम से रुपये मांगने वाला संदेश या कॉल मिले, उन्हें उसकी सत्यता जांचे बिना प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए।