धनवार में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा, पंचायत सचिव का वेतन स्थगित

खोरीमहुआ में हुई समीक्षा बैठक में 3,496 प्रपत्र-6 की बूथवार प्रगति जांची गई। काम में शिथिलता पर एक पंचायत सचिव का वेतन रोका गया और चार पर्यवेक्षकों से जवाब मांगा गया।

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खोरीमहुआ अनुमंडल सभागार में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा बैठक

गिरिडीह जिले के खोरीमहुआ अनुमंडल सभागार में बुधवार को धनवार विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 की समीक्षा की गई। डीडीसी स्मृता कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नाम जोड़ने, विवरण सुधारने और स्थानांतरण से जुड़े आवेदनों की मतदान केंद्रवार प्रगति पर चर्चा हुई।

समीक्षा के दौरान निर्वाचन कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर प्रशासन ने गावां के पंचायत सचिव कार्तिक विश्वकर्मा का वेतन स्थगित कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा। तिसरी के पंचायत सचिव धानेश्वर रविदास व संदीप कुमार रजक, गावां के जनसेवक सामुएल मुर्मू और धनवार की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी दीपिका कुमार से भी जवाब तलब किया गया है।

बैठक में बताया गया कि धनवार विधानसभा क्षेत्र में 5 अगस्त से 31 अगस्त के बीच कुल 3,496 प्रपत्र-6 प्राप्त हुए। सभी 48 बीएलओ पर्यवेक्षकों से उनके अधीन मतदान केंद्रों पर आए आवेदनों और नए पात्र मतदाताओं के पंजीकरण की स्थिति की जानकारी ली गई।

डीडीसी ने निर्देश दिया कि 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र युवाओं से प्रपत्र-6 लेकर उनके नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही छूटे हुए पात्र नागरिकों, नवविवाहित महिलाओं और नए निवासियों की पहचान करने को कहा गया, जिनके नाम अब तक सूची में दर्ज नहीं हैं।

अनुमंडल पदाधिकारी खोरीमहुआ समीर खलखो ने पर्यवेक्षकों को मतदान केंद्रवार कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने आवेदनों के साथ दिए गए दस्तावेजों की सावधानी से जांच करने और काम की प्रतिदिन समीक्षा करने को कहा। पर्यवेक्षकों को अपने अधीन बीएलओ को लगातार मार्गदर्शन और सहयोग देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

प्रशासन ने मतदाता सूची की शुद्धता, समावेशिता और विश्वसनीयता को संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। बैठक में धनवार नगर पंचायत के पर्यवेक्षक, बीएलओ और निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी को निर्धारित समय-सीमा में जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ पुनरीक्षण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।