रांची जिले के बुंडू निवासी फिल्मकार सौरभ कुमार मुंडा के निर्देशन में बनी मुंडारी फिल्म ‘ए रिवर कलर्ड रेड’ (मियद आरा: गाड़ा) का चयन अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए हुआ है। झारखंड में तैयार इस फिल्म में राज्य के कलाकारों ने अभिनय किया है और इसकी कहानी आदिवासी समाज के जीवन तथा पहचान से जुड़े सवालों पर केंद्रित है।
फिल्म में जंगल, जमीन, खनन और बाहरी हस्तक्षेप के बीच अपने अस्तित्व को सुरक्षित रखने के आदिवासी समुदाय के संघर्ष को सिनेमाई रूप दिया गया है। निर्माण दल ने स्थानीय समाज की संवेदनाओं और अनुभवों को मुंडारी भाषा के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया है।
फिल्म की मुख्य भूमिकाओं में सुमन पूर्ति और अनुराग लुगून सहित झारखंड के कलाकार शामिल हैं। छायांकन वेसाबो योबिन ने किया है, जबकि संपादन की जिम्मेदारी सत्यम महतो ने संभाली। प्रोडक्शन डिजाइन अर्पित नाग और साउंड डिजाइन मयूरेश राजगुरे ने किया है।
निर्देशक सौरभ कुमार मुंडा ने नेतरहाट विद्यालय से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने बीआईटी मेसरा से स्नातक और रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। फिल्म निर्देशन और पटकथा लेखन का प्रशिक्षण उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से लिया है।
महोत्सव में चयन को मुंडारी भाषा और झारखंड की आदिवासी संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इससे स्थानीय भाषा में बनी कहानी को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने और झारखंड की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंच पर प्रस्तुत करने की संभावना बनी है।
उपलब्ध विवरण में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का उल्लेख किया गया है, जिसका आयोजन भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत होता है। फिल्म के चयन से बुंडू और झारखंड के स्थानीय कलाकारों तथा तकनीकी दल के काम को बड़े मंच पर पहचान मिलने का रास्ता खुला है।