सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के मामले में गिरफ्तार कन्हैया सिंह को रविवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस का आरोप है कि बागबेड़ा के प्रधान टोला निवासी कन्हैया हत्या की साजिश में शामिल था। मामले में उसकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।
चांडिल के एसडीपीओ दुसरु बानसिंह के अनुसार, कन्हैया ने अशोक सिंह राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस अधिकारी ने यह भी दावा किया कि आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराने और घटना के बाद उन्हें भगाने में उसकी भूमिका रही। ये पुलिस की जांच में सामने आए दावे हैं और मामले का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया से होगा।
पुलिस के मुताबिक, कन्हैया की निशानदेही पर शनिवार रात कपाली से एक देसी पिस्तौल और गोली बरामद की गई। इस कथित बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ कपाली थाने में आर्म्स एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है। चांडिल पुलिस ने उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उसे बागबेड़ा थाने बुलाया गया और बाद में चांडिल ले जाया गया था।
निखार सबलोक की 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस प्रकरण में अशोक सिंह राघव, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह, सुशील केराई, रोहित सिंह, सुनील रजक, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
दूसरी ओर, कन्हैया की पत्नी सुषमा देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनके पति को धोखे से फंसाया गया और हथियार बरामदगी से जुड़ा मामला गलत है। उन्होंने कहा कि कन्हैया कई वर्षों से आपराधिक गतिविधियों से दूर थे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस तरह प्रकरण में पुलिस और आरोपी के परिवार के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। पुलिस ने साजिश और हथियार उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है, जबकि परिवार ने इन आरोपों से इनकार किया है। आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।