नेमरा में रूपी सोरेन का संस्कार भोज, बाबा रामदेव समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे

रामगढ़ के नेमरा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में बाबा रामदेव, मंत्री, राजनीतिक कार्यकर्ता और विभिन्न समाजों के लोग शामिल हुए।

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नेमरा में रूपी सोरेन के संस्कार भोज के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बाबा रामदेव

रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा में रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां दिवंगत रूपी सोरेन का संस्कार भोज आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में सुबह से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। आयोजन में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों के साथ विभिन्न सामाजिक समूहों के लोगों ने भाग लिया।

योग गुरु बाबा रामदेव भी दोपहर करीब 1:20 बजे मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे। प्रवेश द्वार के पास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनका स्वागत किया और उन्हें आवास के भीतर ले गए। बाबा रामदेव ने रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने भी अपनी मां की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाए। इसके बाद आवास के आंगन में तुलसी मंडप के निकट संथाली रीति-रिवाज के अनुसार निर्धारित रस्में पूरी की गईं। कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे संथाल समाज के लोगों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।

संस्कार भोज के लिए पैतृक आवास के पास बड़ा पंडाल बनाया गया था। मुख्यमंत्री पंडाल में पहुंचे और वहां भोजन कर रहे लोगों से मिले। उन्होंने बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। आयोजन की व्यवस्थाओं में अलग-अलग जिलों से आए झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।

कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री इरफान अंसारी, संजय यादव और योगेंद्र महतो मौजूद रहे। झामुमो के विनोद पांडे, फागू बेसरा, संजीव बेदिया, विनोद किस्कू और मदन मोहन अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ नेता भी संस्कार भोज में शामिल हुए।

आगंतुकों के आवागमन के लिए बरलांगा चौक से लुकैया टांड़ तक वाहनों की आवाजाही रही। वहां से लोगों को ऑटो और टोटो के माध्यम से पैतृक आवास तक पहुंचाया गया, जबकि आसपास के रास्तों से कई लोग पैदल भी गांव पहुंचे। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे।