पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी में आठ सितंबर को सलाई शहीद स्थल पर शहादत दिवस और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में वीर शहीदों को नमन करने के साथ उनके परिवारों, गांव के मुंडा और दिउरी को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुधवार को नोवामुंडी आदिवासी एसोसिएशन भवन में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पूर्व विधायक और झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष मंगल सिंह बोबोंगा ने की। बैठक में शहीद स्थल तक पहुंचने और सम्मान समारोह की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
मंगल सिंह बोबोंगा ने बैठक में बताया कि शहादत दिवस पर शहीद परिवारों तथा पारंपरिक ग्राम व्यवस्था से जुड़े मुंडा और दिउरी को गंजी एवं धोती देकर सम्मानित किया जाएगा। सभा में जल, जंगल और जमीन के अस्तित्व की लड़ाई में जान गंवाने वाले आंदोलनकारियों को याद किया जाएगा।
झारखंड आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा ने नोवामुंडी डीवीसी से सलाई तक जुलूस निकालने की योजना बनाई है। प्रतिभागी आदिवासी परंपरा के अनुरूप नगाड़ा और मादल लेकर इसमें शामिल होंगे। बैठक में नोवामुंडी से करीब दो सौ छोटे वाहनों में लोगों को सलाई ले जाने की रणनीति भी तैयार की गई।
शहीद स्थल जाने वाले लोगों के स्वागत के लिए रास्ते में अलग-अलग स्थानों पर तोरण द्वार लगाने की तैयारी है। इसके साथ बैनर, पोस्टर और होर्डिंग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।
बैठक में संयुक्त मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष फिरोज अहमद, उपाध्यक्ष अशोक पान और गौतम मिंज के अलावा भगवान सिंकु, सीताराम लागुरी, कृष्णा सिंकु, मंगल सुरेन, गोमा सुरेन, अल्बर्ट मुंडा तथा राजेन बालमुचू उपस्थित थे। आयोजकों ने कार्यक्रम को पारंपरिक स्वरूप में संपन्न कराने के लिए जिम्मेदारियों और आवागमन की तैयारियों पर विचार किया।