पतरातू डैम में बिहार-झारखंड के 25 एनसीसी कैडेटों ने सीखे नौकायन और जल सुरक्षा के गुर

रामगढ़ के पतरातू डैम में 21 से 29 सितंबर तक चले विशेष प्रशिक्षण में कैडेटों को पतवार वाली नाव, मोटर बोट, संतुलन, दिशा नियंत्रण और सुरक्षित नौकायन का अभ्यास कराया गया।

2 मिनट पढ़ें 6 बार पढ़ी गई
पतरातू डैम में नौकायन का प्रशिक्षण लेते बिहार-झारखंड एनसीसी के कैडेट

रामगढ़ जिले के पतरातू डैम में बिहार-झारखंड एनसीसी के लगभग 25 कैडेटों के लिए विशेष नौकायन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। नौ दिवसीय प्रशिक्षण 21 सितंबर को शुरू हुआ और 29 सितंबर को इसका समापन निर्धारित किया गया। इस दौरान कैडेटों ने डैम में नाव चलाने के व्यावहारिक तरीके सीखे।

प्रशिक्षण में पतवार वाली नाव के संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। कैडेटों को नाव का संतुलन बनाए रखने, उसकी दिशा नियंत्रित करने और जल क्षेत्र में सुरक्षित ढंग से आगे बढ़ने का अभ्यास कराया गया। शांत जल में नियमित अभ्यास के माध्यम से उन्हें नौकायन की बुनियादी तकनीकों से परिचित कराया गया।

पतवार वाली नाव के साथ कैडेटों को मोटर बोट चलाने की जानकारी भी दी गई। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उन्होंने मोटर बोट के संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझा। प्रशिक्षण के प्रत्येक चरण में सुरक्षा सुनिश्चित करने और जल क्षेत्र में जरूरी सावधानियों के पालन पर जोर रहा।

आयोजन का उद्देश्य कैडेटों में नाव चलाने की दक्षता विकसित करने के साथ अनुशासन, आत्मनिर्भरता और साहस को बढ़ावा देना रहा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ऐसी परिस्थितियों के लिए भी तैयार किया गया, जिनमें तुरंत निर्णय लेने और साथियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

लगातार अभ्यास के जरिए कैडेटों ने जल गतिविधियों से संबंधित जानकारी को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर पाया। प्रशिक्षकों ने संचालन की तकनीक बताते हुए कैडेटों का मार्गदर्शन किया और अभ्यास के समय सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी। इससे प्रतिभागियों को नाव और मोटर बोट, दोनों के संचालन का अनुभव मिला।

पतरातू डैम में आयोजित यह प्रशिक्षण बिहार और झारखंड के कैडेटों के लिए जल आधारित गतिविधियों का व्यावहारिक अभ्यास बना। नौकायन, संतुलन, दिशा नियंत्रण और जल सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को एक ही प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया, जिसका समापन 29 सितंबर को होना तय है।