परमवीर अल्बर्ट एक्का के पुत्र को लौटाई गई ट्रैक्टर की चाबी, एजेंसी को शोकॉज का निर्देश

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विंसेंट एक्का को ट्रैक्टर की चाबी वापस सौंपी। संबंधित एजेंसी को शोकॉज नोटिस जारी करने और मामले में नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

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रांची में विंसेंट एक्का को ट्रैक्टर की चाबी सौंपतीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की

रांची में परमवीर चक्र विजेता शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का के पुत्र विंसेंट एक्का को उनके ट्रैक्टर की चाबी वापस सौंप दी गई है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में उन्हें सम्मानपूर्वक चाबी दी। यह ट्रैक्टर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर कृषि कार्य के लिए उपलब्ध कराया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 50 प्रतिशत अनुदान पर मिले ट्रैक्टर की शेष राशि पूरी जमा नहीं होने के कारण बैंक ने कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में इसे वापस ले लिया था। मामला सामने आने के बाद कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

मंत्री ने संबंधित एजेंसी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। उनका कहना था कि विभाग को समुचित रूप से अवगत कराए बिना एजेंसी द्वारा ट्रैक्टर वापस लेना उचित प्रक्रिया नहीं थी। उन्होंने मामले में विभागीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

विंसेंट एक्का ने इस दौरान अधिकारियों के व्यवहार को लेकर मंत्री के सामने आपत्ति रखी और उचित कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने उनकी बात सुनने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहीद परिवारों से जुड़े विषयों में सम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम किया जाए।

कृषि मंत्री ने कहा कि मामले की जानकारी डिजिटल समाचार माध्यमों और अखबारों से मिलने के बाद अधिकारियों तथा एजेंसी के प्रतिनिधियों से वस्तुस्थिति पूछी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि शहीद परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मंत्री ने अल्बर्ट एक्का के शौर्य और बलिदान का उल्लेख करते हुए उनके परिवार के सम्मान की रक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताया। फिलहाल ट्रैक्टर की चाबी परिवार को वापस मिल गई है, जबकि एजेंसी से स्पष्टीकरण लेने और निर्धारित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया विभाग के स्तर पर की जानी है।