परिसीमन के विरोध में रांची के मोरहाबादी मैदान में जुटा आदिवासी समाज

झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ दूसरे राज्यों से भी लोग मोरहाबादी मैदान पहुंचे। आयोजन में कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।

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रांची के मोरहाबादी मैदान की ओर पारंपरिक परिधान में जाते आदिवासी समाज के लोग

रांची के मोरहाबादी मैदान में रविवार को परिसीमन के विरोध में आदिवासी महाजुटान आयोजित किया गया। इसमें झारखंड के अलग-अलग जिलों से आदिवासी समाज के लोग पहुंचे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के कारण मैदान और आसपास के मार्गों पर सुबह से गतिविधियां बढ़ी रहीं।

आयोजन में राज्य के बाहर से भी प्रतिनिधियों के आने की जानकारी दी गई। मध्य प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों के आदिवासी नेताओं के पहुंचने की बात सामने आई है। महाजुटान के माध्यम से परिसीमन के मुद्दे पर सामूहिक विरोध दर्ज कराया गया।

कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पूर्व विधायक बंधु तिर्की और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की आयोजन स्थल पहुंचे थे। दोनों ने मैदान का निरीक्षण किया और व्यवस्था में दिखाई दे रही कमियों को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया था।

महाजुटान में बंधु तिर्की और अजय तिर्की के अलावा दयामनी बरला, रमा खलखो, लक्ष्मी नारायण मुंडा तथा शिवा कच्छप सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। आयोजकों ने पक्ष और विपक्ष के आदिवासी विधायकों तथा सांसदों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया था।

मोरहाबादी की ओर आने वाले मार्गों पर पारंपरिक परिधान में महिलाओं और पुरुषों के समूह दिखाई दिए। हरमू मैदान से भी लोग पैदल आयोजन स्थल की ओर बढ़े। इटकी, बेड़ो, गुमला और सिमडेगा की दिशा से आए समूह इटकी रोड तथा रातू रोड पर रैली के रूप में आगे बढ़े।

खूंटी, तोरपा और पश्चिमी सिंहभूम से आए कई लोग बसों और दूसरे वाहनों से हरमू मैदान तक पहुंचे, फिर वहां से पैदल मोरहाबादी रवाना हुए। कांके रोड, पुरुलिया रोड और बरियातू रोड पर भी लोगों की आवाजाही रही। राजधानी में जुटी भीड़ ने इस आयोजन के व्यापक स्वरूप को सामने रखा।