पलामू के थानों में जांच, कानून-व्यवस्था और गश्ती के लिए अलग-अलग विंग बनाने की तैयारी

मुकदमों की जांच तेज और प्रभावी बनाने के लिए पलामू पुलिस थानों में काम का अलग-अलग बंटवारा करेगी। अपराध की श्रेणी और विशेषज्ञता के आधार पर अधिकारियों को अनुसंधान की जिम्मेदारी देने की योजना है।

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पलामू के थानों में अनुसंधान और कानून-व्यवस्था के काम का अलग बंटवारा होगा

पलामू जिले में मुकदमों के अनुसंधान की गुणवत्ता और गति सुधारने के लिए पुलिस थानों की कार्यप्रणाली में बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अनुसंधान, कानून-व्यवस्था, गश्ती और ओडी ड्यूटी के लिए अलग-अलग अधिकारी काम करेंगे। इसका उद्देश्य जांच पर केंद्रित अधिकारियों को अन्य नियमित जिम्मेदारियों से अलग रखना है।

अभी जिले के थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारी मुकदमों की जांच के साथ कानून-व्यवस्था और दूसरी ड्यूटी भी संभालते हैं। पुलिस का आकलन है कि कई प्रकार की जिम्मेदारियां एक साथ होने से कुछ मामलों के अनुसंधान में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाती। इसका असर पीड़ितों और मामलों के निष्पादन पर भी पड़ सकता है।

नई योजना में अधिकारियों की विशेषज्ञता के अनुसार जांच का दायित्व सौंपा जाएगा। हत्या, चोरी, डकैती और अपहरण समेत अपराधों की अलग-अलग श्रेणियां तैयार की गई हैं। संबंधित श्रेणी में दक्ष पुलिस अधिकारियों को उन मामलों का अनुसंधान देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी विशेष जांच कार्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, थानों में अनुसंधानकर्ताओं को अलग किया गया है, जबकि अन्य अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और गश्ती की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस की योजना बेहतर अनुसंधान के माध्यम से मामलों को आगे बढ़ाने और अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करने की है।

जिले में फिलहाल 17 इंस्पेक्टर, 174 सब इंस्पेक्टर और 309 सहायक सब इंस्पेक्टर तैनात हैं। इंस्पेक्टर के 19 और सब इंस्पेक्टर के 280 पद स्वीकृत बताए गए हैं। टाउन, हरिहरगंज, हुसैनाबाद और साइबर थाने में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी प्रभारी हैं, जबकि अन्य थानों की कमान सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों के पास है।

मौजूदा व्यवस्था में हत्या और अन्य बड़े मामलों की जांच कई थानों में सब इंस्पेक्टर करते हैं, जबकि अपेक्षाकृत छोटे मामलों का अनुसंधान सहायक सब इंस्पेक्टर को दिया जाता है। कार्यों का नया बंटवारा लागू होने पर जांच अधिकारी मुकदमों पर अधिक समय दे सकेंगे, वहीं अलग टीमों के जिम्मे गश्ती, नियमित ड्यूटी और कानून-व्यवस्था का काम रहेगा।