पलामू जिले के लालगढ़ बिहार और पांजरीकला गांव के बीच निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे प्रशासन को समयबद्ध निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने इसका निर्माण अधिकतम चार महीने में पूरा करने को कहा है। अदालत ने बरसात में अंडरपास के भीतर पानी भरने की समस्या का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
यह मामला लालगढ़ वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष कामेश्वर सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में पांजरीकला गांव के पास रोड ओवरब्रिज या रेलवे क्रॉसिंग बनाने की मांग की गई थी। अदालत को बताया गया कि सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीण अनधिकृत तरीके से रेलवे लाइन पार करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, आवागमन की समस्या ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी प्रभावित करती है। रेलवे की ओर से बनाया जा रहा सीमित ऊंचाई वाला अंडरपास वर्षा के दौरान पानी से भर जाता है। इसी कारण याचिका में निर्माण शीघ्र पूरा कराने के साथ जलनिकासी की ऐसी व्यवस्था करने का आग्रह किया गया था, जिससे रास्ता बरसात में भी उपयोग योग्य रहे।
रेलवे की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि किलोमीटर 307/31 से 308/01 के बीच सीमित ऊंचाई वाले अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार करने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है। रेलवे ने यह भी कहा कि उसकी नीति नए समपार खोलने के बजाय पुराने क्रॉसिंग को धीरे-धीरे समाप्त करने की है।
खंडपीठ ने कहा कि स्थल की परिस्थितियों, विशेषज्ञों की राय और नीतिगत विषयों को देखते हुए अदालत रोड ओवरब्रिज बनाने का परमादेश जारी नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि जनहित में सार्वजनिक धन से तैयार हो रही योजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा करे। इसी आधार पर अंडरपास को निर्धारित समय में पूरा करने और जलभराव का टिकाऊ उपाय करने का निर्देश दिया गया।
मामले का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे के संबंधित अधिकारियों को निर्माण पूरा होने के बाद रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। रेलवे प्रशासन को 12 मार्च 2027 तक अनुपालन शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा। आदेश के पालन की समीक्षा के लिए प्रकरण 18 मार्च 2027 को सूचीबद्ध किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता शहबाज अख्तर ने पक्ष रखा।