सरायकेला थाना क्षेत्र के शासन गांव में खराब सड़क और भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। लोगों ने शनिवार दोपहर करीब तीन बजे सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। रविवार सुबह तक लगभग 20 घंटे से आवागमन बाधित रहने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों के मुताबिक, जर्जर सड़क से दिन-रात भारी वाहनों का परिचालन होता है। वाहनों के गुजरने पर उड़ने वाली धूल आसपास के घरों तक पहुंच रही है और छतों व कमरों में जम रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के कारण गांव में रहना कठिन हो गया है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत प्रभावित हो रही है। उन्होंने सांस से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई। ये स्वास्थ्य संबंधी दावे ग्रामीणों के हैं; उपलब्ध जानकारी में किसी चिकित्सकीय जांच या स्वास्थ्य विभाग की पुष्टि का उल्लेख नहीं है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग सरायकेला-राजनगर मार्ग के प्रभावित हिस्से का पक्का निर्माण कराना है। उनका कहना है कि निर्माण पूरा होने तक धूल नियंत्रित करने के लिए सड़क पर प्रतिदिन कम से कम दो से तीन बार पानी का छिड़काव कराया जाए। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग और प्रशासन से नियमित व्यवस्था बनाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जाम शुरू होने के बाद भी रविवार सुबह तक प्रशासन का कोई अधिकारी बातचीत के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक रास्ता नहीं खोला जाएगा। उपलब्ध विवरण में प्रशासन या संबंधित विभाग का पक्ष दर्ज नहीं है।
लंबे समय से मार्ग अवरुद्ध रहने का असर इस सड़क से गुजरने वाले यात्रियों और वाहनों पर पड़ा है। कतारें बढ़ने के साथ लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल ग्रामीण सड़क निर्माण और अंतरिम रूप से पानी के नियमित छिड़काव को लेकर ठोस आश्वासन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।