पलामू प्रमंडल में खेतों की बिजली बाड़ बनी जानलेवा, ग्रामीणों और वन्यजीवों पर खतरा

फसल बचाने और वन्यजीवों के शिकार के लिए खेतों के आसपास तार में अवैध रूप से करंट प्रवाहित करने से पलामू, गढ़वा और लातेहार में लोगों तथा हाथियों की मौत के मामले सामने आए हैं।

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पलामू प्रमंडल में खेतों के आसपास अवैध बिजली बाड़ से पैदा हुए खतरे की प्रतीकात्मक तस्वीर

पलामू प्रमंडल के ग्रामीण इलाकों में खेतों के चारों ओर लगाई जा रही बिजली की बाड़ लोगों और वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार, फसल बचाने या जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से तार की बाड़ में अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया जा रहा है। इसके संपर्क में आने से बीते एक वर्ष में पलामू, गढ़वा और लातेहार में करीब आधा दर्जन लोगों तथा दो हाथियों की मौत हुई है।

प्रमंडल के कई क्षेत्रों में नीलगाय और जंगली सूअर से फसलों को नुकसान पहुंचने की समस्या बताई गई है। कुछ किसान खेतों के आसपास बाजार में मिलने वाले पतले तार से बाड़ तैयार करते हैं और रात में उसमें बिजली जोड़ देते हैं। अनजाने में बाड़ छूने वाले ग्रामीण भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों में शिकार के लिए बिछाए गए करंट वाले तार भी ऐसा ही जोखिम पैदा कर रहे हैं।

रिपोर्ट में पलामू के नौडीहाबाजार थाना क्षेत्र की एक घटना का उल्लेख है। उपरली टांड़ में 26 अगस्त को संदीप भूइयां की खेत में लगी बिजली की बाड़ के संपर्क में आने से मौत हुई थी। पुलिस जांच के बाद करंट लगाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

उंटारी रोड थाना क्षेत्र में भी 16 जुलाई को सचिन कुमार शाह का शव नदी में दफन मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए हाई वोल्टेज करंट के जाल में सचिन स्वयं फंस गया था। घटना छिपाने के आरोप में उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया गया।

वन्यजीव भी ऐसी बाड़ की चपेट में आए हैं। सितंबर 2026 में लातेहार के बालूमाथ स्थित कोमार गांव में खेत के आसपास लगाए गए हाई वोल्टेज तार से छह सितंबर को एक हाथी की मौत हुई। रिपोर्ट में गढ़वा के रंका में भी बिजली के तार से एक हाथी की मौत होने की जानकारी दी गई है।

बिजली विभाग के अनुसार, अवैध कनेक्शन से हुई मौत पर मुआवजे का प्रावधान नहीं है और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है। विभाग ऐसी घटनाएं रोकने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध लोगों की मदद से जागरूकता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों से अवैध हुकिंग और करंट वाली तार-बाड़ का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है।