पलामू के हुसैनाबाद और हैदरनगर से गुजरने वाली सोन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तटवर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार सुबह छह बजे हुसैनाबाद में नदी खतरे के निशान से 208 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। प्रशासन नदी किनारे की स्थिति पर नजर रख रहा है और लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है।
सोन के बढ़ते जलस्तर के पीछे उत्तर प्रदेश के रिहंद क्षेत्र में बने बांध का फाटक खोले जाने को एक कारण बताया गया है। इसके साथ ही सोन की प्रमुख सहायक नदी उत्तरी कोयल भी उफान पर है। दोनों नदियों में पानी बढ़ने से पलामू के नदी तट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सोन नदी पलामू के हैदरनगर और हुसैनाबाद प्रखंडों से होकर बिहार में प्रवेश करती है। नदी की दो धाराओं के बीच स्थित डीला क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। प्रशासन ने वहां मौजूद आबादी को बाहर निकाल लिया है और फिलहाल लोगों के डीला में जाने पर रोक लगाई गई है।
मोहम्मदगंज बांध के 40 फाटक भी खोले गए थे और करीब 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार के अनुसार, जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए इलाके में निगरानी की जा रही है। माइकिंग के माध्यम से लोगों को सतर्क करते हुए सोन नदी के किनारे नहीं जाने को कहा गया है।
भारी बारिश से पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी नदियां भी उफान पर हैं। मेदिनीनगर के निचले इलाकों में जलभराव हुआ है और कई घरों में नदी तथा बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को पलामू क्षेत्र में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है।
पलामू से सटे गढ़वा जिले में भी हाई अलर्ट है। वहां एहतियात के तौर पर स्कूलों में दो दिनों की छुट्टी घोषित की गई है। मौजूदा स्थिति में प्रशासन का जोर तटवर्ती आबादी को सुरक्षित रखने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और लोगों को नदी के पास जाने से रोकने पर है।