पलामू जिले में तीन दिनों से जारी भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई पुल, पुलिया, कल्वर्ट और संपर्क पथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नदियों और नालों में बढ़े पानी तथा तेज बहाव से कुछ स्थानों पर पहुंच पथ टूट गए हैं। इससे दर्जनों गांवों का मुख्य सड़क, बाजार और प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
प्रभावित इलाकों के लोगों को आवाजाही के साथ जरूरी सामान, दवा और दूसरी सुविधाओं तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए वित्त मंत्री और छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग की तकनीकी टीम के साथ पाटन प्रखंड का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान पंचकेड़िया के छोटकी नाला, बांदुखांड़ के घोरिघाट नाला और होमिया-करमाही में होमिया नाला पर क्षतिग्रस्त पुलों को देखा गया। टीम में विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र पासवान, कार्यपालक अभियंता रवि कुजूर और कनीय अभियंता विकास कुमार शामिल थे। अधिकारियों को नुकसान का तकनीकी आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
निरीक्षण के बाद पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को हालात की जानकारी दी गई। जिला योजना पदाधिकारी ने ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं से आपात आधार पर ब्लॉक, पंचायत और गांववार विवरण मांगा है। इसमें क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया, कल्वर्ट और पूरी तरह बंद आवागमन वाले स्थानों की जानकारी दर्ज करनी होगी।
प्रशासन पहले उन संवेदनशील जगहों की पहचान करेगा, जहां तत्काल राहत और रास्ता बहाल करना जरूरी है। रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत, आपदा राहत और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की बात कही गई है। प्रभावित गांवों तक राशन, दवा और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश भी की जा रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी छोटे पुल या पुलिया का निर्माण संबंधित विभाग तकनीकी अथवा बजटीय कारण से तुरंत नहीं करा सके तो जिला स्तर पर उपलब्ध डीएमएफटी या अनाबद्ध निधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रशासन और अभियंताओं को प्राथमिकता के आधार पर जरूरी कदम उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बहाल करने को कहा गया है।