पलामू में मिलावटी मिठाइयों पर निगरानी बढ़ी, ढाई क्विंटल से अधिक सामग्री नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण बाजारों में निगरानी बढ़ाई है। अधिकारी के अनुसार, हाल की कार्रवाई में ढाई क्विंटल से अधिक मिठाई नष्ट की गई।

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पलामू में दीपावली से पहले मिठाइयों की जांच करता खाद्य सुरक्षा दल

पलामू में दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर जांच और निगरानी तेज कर दी है। विभाग का विशेष ध्यान रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों पर है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, बाहर से लाई जा रही कुछ मिठाइयों में ऐसे रंग पाए जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल खाद्य सामग्री में नहीं होना चाहिए।

विभाग के मुताबिक, दुर्गा पूजा के दौरान शुरू किए गए अभियान में अब तक ढाई क्विंटल से अधिक मिठाई नष्ट की गई है। इस अवधि में 50 से अधिक कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान दुकानों की स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता दोनों देखी जा रही हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी लव कुमार गुप्ता ने बताया कि जांच में कुछ मिठाइयों में मेटैलिक येलो रंग के इस्तेमाल की बात सामने आई है। उनके अनुसार, ऐसी मिठाई स्थानीय स्तर पर तैयार होने के बजाय बिहार और अन्य बाहरी इलाकों से पलामू लाई जा रही है। बाहर से मिठाई मंगाकर बेचने के लिए उचित पैकेजिंग और एफएसएसएआई लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन जरूरी है।

विभागीय अधिकारी के अनुसार, यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास इस तरह की मिठाइयों की बिक्री की आशंका अधिक है। ग्रामीण बाजारों में भी निगरानी रखी जा रही है। अब तक हुई जांच में सबसे अधिक संदिग्ध या असुरक्षित मिठाइयां स्टेशन और बस स्टैंड वाले इलाकों में मिलने की बात कही गई है।

अधिकारी ने कहा कि केवल मिठाई का रंग देखकर उसकी गुणवत्ता पहचानना कठिन हो सकता है। मावा, लड्डू और दूसरी मिठाइयों की बनावट से कुछ संकेत मिल सकते हैं, लेकिन असामान्य रूप से कम कीमत भी ग्राहकों के लिए सावधानी का कारण हो सकती है। विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी जारी करने की जानकारी दी है।

दीपावली के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के मद्देनजर जांच अभियान जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि असुरक्षित मिठाई बेचने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निगरानी का उद्देश्य त्योहार के बाजार में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।