पश्चिमी सिंहभूम के तीन एकलव्य विद्यालयों का निरीक्षण, समय पर निर्माण पूरा करने के निर्देश

मंझारी, कुमारडुंगी और मझगांव के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में निर्माण, मरम्मत, छात्रावास, पेयजल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी, कुमारडुंगी और मझगांव स्थित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया गया। सहायक समाहर्ता ईरा जोरावल और एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक जयदीप तिग्गा ने संबंधित अभियंताओं तथा निर्माण एजेंसियों को जरूरी काम निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के मुख्य भवन, छात्रावास, रसोईघर और दूसरी आधारभूत संरचनाओं की स्थिति देखी गई। अधिकारियों ने बिजली एवं पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की। जिन स्थानों पर सुधार की जरूरत मिली, वहां काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।

मंझारी के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में एप्रोच रोड, मुख्य भवन, छात्रावास और रसोईघर का जायजा लिया गया। यहां सीसीटीवी कैमरों के साथ यूपीएस और इन्वर्टर की मरम्मत जल्द पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि विद्यालय की जरूरी व्यवस्थाएं सुचारु रखी जा सकें।

कुमारडुंगी स्थित विद्यालय में संबंधित एजेंसी और अभियंता को सभी आवश्यक मरम्मत कार्य तय अवधि के भीतर पूरा करने का निर्देश मिला। परियोजना निदेशक ने विद्यालय का संचालन 15 नवंबर से शुरू करने के उद्देश्य से उससे जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर दिया।

मझगांव के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में भवन निर्माण के अलावा छात्रावास, रसोईघर, बिजली, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने शैक्षणिक गतिविधियों तथा खेलकूद सुविधाओं की स्थिति भी देखी। निरीक्षण में रसोईघर के पास अपशिष्ट जल जमा होने की समस्या सामने आई।

इस समस्या के शीघ्र और प्रभावी समाधान के लिए निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पूरे निरीक्षण का केंद्र जनजातीय विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करना और लंबित सुधार कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना रहा।