पश्चिमी सिंहभूम जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से चल रहे ‘प्रोजेक्ट परख–तैयारी उड़ान’ के तहत बीएड और डीएलएड प्रवेशार्थियों का तीसरे दिन का प्रशिक्षण एवं फीडबैक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का केंद्र मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाना रहा।
सत्र में उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में शामिल प्रवेशार्थियों को 15 अक्टूबर को अलग-अलग आवंटित विद्यालयों में एक दिवसीय अवलोकन और फीडबैक कार्यक्रम के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में उनके अनुभवों की समीक्षा की गई।
प्रवेशार्थियों से फीडबैक फॉर्म भी भरवाए गए। इसमें कक्षाओं के संचालन के दौरान सामने आई समस्याओं, विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों और पढ़ाने से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी ली गई। प्रतिभागियों ने विद्यालयों में किए गए अवलोकन के आधार पर अपने अनुभव साझा किए।
सामने आई समस्याओं पर चर्चा के साथ उनके समाधान के व्यावहारिक तरीके बताने के लिए विशेष सत्र रखा गया। प्रशिक्षण में बाल मनोविज्ञान और प्रभावी शिक्षण तकनीकों पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों से मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा गया।
समापन के अवसर पर उपायुक्त और उप विकास आयुक्त ने प्रशिक्षण में शामिल प्रवेशार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उपायुक्त ने उनसे विद्यार्थियों के हित में जिम्मेदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने तथा प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का कक्षाओं में उपयोग करने को कहा।
जिला स्तर पर संचालित इस पहल में विद्यालय अवलोकन से प्राप्त जानकारी को प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य भावी शिक्षकों को कक्षा की वास्तविक परिस्थितियों और विद्यार्थियों की जरूरतों को समझने का अवसर देना है, ताकि वे उपलब्ध शिक्षण तकनीकों का उपयोग शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में कर सकें।