पश्चिमी सिंहभूम के 47 मतदान केंद्रों पर नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सुनवाई

विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नो-मैपिंग श्रेणी और प्रविष्टियों में विसंगति वाले मतदाताओं के दावों तथा दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के नोटिस और सुनवाई चरण के तहत शुक्रवार को 47 मतदान केंद्रों पर संबंधित मतदाताओं की सुनवाई की गई। यह प्रक्रिया जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में चल रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान नोटिस प्राप्त मतदाताओं के दावों और उनकी ओर से पेश किए गए दस्तावेजों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों की शुद्धता और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर उन मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है, जो मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में ‘नो-मैपिंग’ श्रेणी में पाए गए हैं। सूची में दर्ज प्रविष्टियों में किसी तरह की विसंगति मिलने वाले मतदाता भी इस सुनवाई प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।

सुनवाई में संबंधित मतदाताओं को आयोग द्वारा अधिसूचित दस्तावेजों में से किसी एक के माध्यम से अपनी पात्रता प्रमाणित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण करने के साथ जरूरी सत्यापन भी किया जा रहा है।

दस्तावेजों और दावों की जांच पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम तथा अन्य विवरण मतदाता सूची में नियमानुसार सुरक्षित और अद्यतन रखने की कार्रवाई की जा रही है। इस चरण में प्रत्येक मामले का निर्णय उपलब्ध दस्तावेज और निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर होना है।

जिले के 47 मतदान केंद्रों पर हुई यह सुनवाई विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें नोटिस मिलने वाले मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में चल रही इस कवायद का केंद्र पात्र मतदाताओं की प्रविष्टियों का सत्यापन और सूची की विसंगतियों का नियमानुसार समाधान है।