पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले में राजस्व संग्रह तेज करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। चाईबासा स्थित जिला समाहरणालय सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में राजस्व शाखा, विभागवार वसूली और नीलाम पत्र वादों से जुड़े कामकाज की समीक्षा की गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले सितंबर तक की प्रगति पर बैठक में विभागवार विचार किया गया। उपलब्ध प्रतिवेदन के अनुसार खनन एवं भूतत्व विभाग ने 100.25 प्रतिशत, उत्पाद विभाग ने 103.23 प्रतिशत और विद्युत आपूर्ति प्रमंडल चाईबासा ने 112.79 प्रतिशत संग्रह दर्ज किया। विद्युत आपूर्ति प्रमंडल चक्रधरपुर की प्रगति 99.75 प्रतिशत रही।
अन्य विभागों में राज्य कर विभाग ने 76.62 प्रतिशत और जिला परिवहन विभाग ने 61.47 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। नगर परिषद चाईबासा में यह आंकड़ा 83 प्रतिशत तथा नगर परिषद चक्रधरपुर में 86.43 प्रतिशत रहा। जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के स्तर पर 60.03 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई, जबकि माप एवं तौल विभाग का प्रदर्शन लक्ष्य की तुलना में कम रहा।
समीक्षा के दौरान बकाया राजस्व की पहचान करने, लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने अधिकारियों से संग्रह की स्थिति की नियमित निगरानी करने और जरूरी कार्रवाई के माध्यम से प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने को कहा।
जिले में सितंबर 2026 तक भूमि लगान की वसूली 55.43 प्रतिशत दर्ज की गई। उपायुक्त ने इसे राजस्व प्रशासन का महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से प्रगति देखने का निर्देश दिया। बैठक में दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण और अभिलेखों से जुड़े कार्य भी समीक्षा के दायरे में रहे।
राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निष्पादन में अनावश्यक देरी से बचने तथा भूमि अभिलेख संबंधी काम में पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता बनाए रखने पर भी बल दिया गया। नीलाम पत्र और बकाया राशि से जुड़े मामलों में अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।