सरायकेला समाहरणालय में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में नागरिकों ने खनन एवं पत्थर क्रशर संचालन, पेयजल, भूमि मापी और आवास योजना समेत कई विषयों पर अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने सुनवाई के बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का नियमानुसार और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में राजकीय पशु प्रक्षेत्र, सरायकेला के तितिरबिला परिसर में पशुओं के उचित रखरखाव और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा आवेदन भी आया। इसके अतिरिक्त जिले में खनन तथा पत्थर क्रशर के संचालन की प्रक्रियाओं से संबंधित शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उपायुक्त ने इन विषयों पर संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने को कहा।
आदित्यपुर के आस्था आर्केड डुप्लेक्स परिसर की पार्किंग व्यवस्था और स्थानीय निवासियों के बीच समन्वय में आ रही दिक्कत का मामला भी सुनवाई में रखा गया। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को जरूरत के अनुसार आपसी तालमेल बनाकर मामले पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग केंद्र की स्थापना और संचालन का प्रस्ताव भी जनता दरबार में सामने आया। आवेदन में केंद्र के लिए सरकारी परिसर तथा वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई। उपायुक्त ने इस जनहित से जुड़े आवेदन पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया, हालांकि केंद्र की स्थापना के संबंध में किसी अंतिम निर्णय की जानकारी नहीं दी गई।
नागरिकों ने भूमि की मापी और सीमांकन में आ रही बाधाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों, विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था तथा गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सहायता से जुड़े आवेदन भी सौंपे। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का विषय भी उठाया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए और आवेदकों को हरसंभव आवश्यक सहायता मिले। जटिल मामलों के समाधान के लिए विभागों को परस्पर समन्वय बनाकर काम करने तथा लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश भी दिया गया।