पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड की महुलपहाड़ी पंचायत में बालीडीह और खजुरडंगाल के बीच बने पुल की संपर्क सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मातकोम घाट में नाले पर बने इस पुल के दोनों ओर सड़क करीब एक फुट तक धंस गई है। साइकिल और मोटरसाइकिल से गुजरने वाले लोगों को विशेष कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
यह पुल मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, पाकुड़ ने बनवाया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माण पर करीब तीन करोड़ 60 लाख रुपये खर्च हुए और पुल का उद्घाटन 15 मई 2025 को किया गया था। उद्घाटन के लगभग डेढ़ वर्ष बाद ही संपर्क मार्ग की स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बालीडीह की दिशा में करीब 100 मीटर सड़क पर पिचिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। पुल की दोनों ओर बनी पक्की सड़क में कई स्थानों पर दरारें भी दिख रही हैं। कुछ हिस्सों की हालत ऐसी बताई गई है कि दोपहिया वाहन लेकर पुल के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने आवागमन जारी रखने के लिए अपने स्तर से मिट्टी डालकर अस्थायी रास्ता तैयार किया है। हालांकि, यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि संपर्क सड़क खराब होने से पुल का उपयोग कठिन हो गया है और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण के दौरान जल्दबाजी की गई और काम पूरा होने के बाद संबंधित ठेकेदार मौके से चला गया। ये ग्रामीणों के आरोप हैं; उपलब्ध विवरण में संबंधित ठेकेदार या विभाग का पक्ष दर्ज नहीं है। इसलिए निर्माण में लापरवाही अथवा सरकारी राशि के दुरुपयोग के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की जांच कराने, धंसी हुई सड़क को दुरुस्त करने और अधूरी पिचिंग शीघ्र पूरी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल पर खर्च हुई सार्वजनिक राशि और आवागमन की जरूरत को देखते हुए संपर्क मार्ग की मरम्मत में देरी नहीं होनी चाहिए।