रांची के चुटूपालू-ओरमांझी में 19 स्टोन क्रशरों पर कार्रवाई, आठ सील और 11 ध्वस्त

उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में गठित संयुक्त जांच दल ने चुटूपालू और ओरमांझी में स्टोन क्रशिंग इकाइयों के दस्तावेज और संचालन की स्थिति की जांच की।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
रांची के चुटूपालू और ओरमांझी में स्टोन क्रशिंग इकाइयों पर कार्रवाई

रांची जिले के चुटूपालू और ओरमांझी प्रखंड क्षेत्र में अवैध पत्थर खनन तथा स्टोन क्रशिंग इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाया गया। उच्च न्यायालय के आदेश और खान एवं भूतत्व विभाग के निर्देश के आलोक में गठित संयुक्त जांच दल ने कुल 19 इकाइयों पर कार्रवाई की। इनमें आठ स्टोन क्रशरों को सील किया गया, जबकि अवैध रूप से संचालित मिली 11 इकाइयों को ध्वस्त कर दिया गया।

जांच दल ने मौके पर पहुंचकर क्रशिंग और पत्थर खनन से संबंधित अभिलेखों का मिलान किया। इसके साथ ही इकाइयों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन भी किया गया। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि संबंधित इकाइयां स्वीकृत अनुमति और निर्धारित पर्यावरणीय शर्तों के अनुरूप संचालित हो रही हैं या नहीं।

अभियान के दौरान खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति, पर्यावरणीय स्वीकृति, कंसेंट टू एस्टेब्लिश और कंसेंट टू ऑपरेट जैसे वैधानिक दस्तावेजों की स्थिति देखी गई। प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों के अनुपालन की भी जांच हुई। जहां लागू था, वहां राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण से जारी स्वीकृति के अभिलेखों का सत्यापन किया गया।

जांच में आठ स्टोन क्रशरों का कंसेंट टू ऑपरेट वैध नहीं मिला या उसकी अवधि समाप्त पाई गई। इसके बाद इन इकाइयों को नियमानुसार सील कर दिया गया। वहीं नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध तरीके से चल रही 11 स्टोन क्रशिंग इकाइयों को संयुक्त दल ने ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान संबंधित अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिस बल भी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई में वैधानिक अनुमतियों और पर्यावरणीय मानकों के पालन को प्राथमिकता दी गई। प्रशासन ने कहा है कि अवैध खनन तथा बिना वैध अनुमति चलने वाली स्टोन क्रशिंग इकाइयों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। संबंधित विभागों के समन्वय से खनन क्षेत्रों में नियमों के अनुपालन और पर्यावरणीय मानकों की नियमित निगरानी की जाएगी।