पाकुड़ के गर्ल्स स्कूल में छात्राओं को बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा की जानकारी

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत छात्राओं को बाल विवाह, बाल श्रम, पॉक्सो कानून, अच्छे-बुरे स्पर्श, कानूनी सहायता और ऑनलाइन खतरों से बचाव के बारे में बताया गया।

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पाकुड़ के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स में शुक्रवार को सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से हुए कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और सहायता पाने के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी दी गई। आयोजन झालसा, रांची के निर्देश पर किया गया था।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रूपा बंदना किरो ने बाल विवाह के दुष्प्रभाव, बाल मजदूरी और पॉक्सो कानून के विभिन्न पहलुओं पर छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के लड़के और लड़कियां इस कानून के दायरे में आते हैं। बच्चों को असहज या अनुचित व्यवहार महसूस होने पर चुप नहीं रहने और किसी भरोसेमंद व्यक्ति अथवा अभिभावक को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में अच्छे और बुरे स्पर्श के अंतर को भी समझाया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी आपात स्थिति में वे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क कर सकती हैं। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी साझा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके परिवार उचित मदद प्राप्त कर सकें।

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने बच्चों के जीवन और शिक्षा के अधिकार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल श्रम से जुड़े प्रावधान समझाते हुए कहा कि ऐसा काम, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े, उनसे नहीं कराया जाना चाहिए। शिक्षकों से समय मिलने पर विद्यार्थियों को संविधान की प्रस्तावना और उसके अनुच्छेदों से परिचित कराने की अपील भी की गई।

एसडीपीओ कुमार गौरव ने साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए। छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, अपरिचित स्रोत से फोटो या वीडियो डाउनलोड करने से बचने तथा बैंक खाते और ओटीपी की जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट जैसे ऑनलाइन अपराध के तरीके के बारे में भी सचेत किया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूरती ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह, बाल श्रम और साइबर अपराध जैसी स्थितियों से बचने के लिए जागरूक बनाना है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, छात्राएं और पैरा लीगल वॉलंटियर भी उपस्थित रहे। समापन पर अधिकारियों ने पौधरोपण किया और प्रधानाचार्य डॉ. मनीष गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।