पाकुड़-धुलियान मार्ग पर पुठीमारी पुल का एप्रोच रोड धंसा, भारी वाहनों की आवाजाही ठप

लगातार बारिश से पुठीमारी पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। मरम्मत शुरू की गई है, लेकिन बारिश के कारण काम की रफ्तार प्रभावित है।

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पाकुड़-धुलियान मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुठीमारी पुल का एप्रोच रोड

पाकुड़-धुलियान मुख्य मार्ग पर पुठीमारी पुल का एप्रोच रोड बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क के दोनों ओर का हिस्सा धंसने से भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। इसका असर मालवाहक वाहनों के परिचालन और पाकुड़ से बाहर भेजे जाने वाले सामान की आपूर्ति पर पड़ रहा है।

यह मार्ग पश्चिम बंगाल के राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से जुड़ता है। इसके जरिए पाकुड़ से पत्थर और अन्य सामान पश्चिम बंगाल तथा बिहार के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसी रास्ते से बांग्लादेश की ओर होने वाली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। वाहन मालिकों और कारोबारियों को वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने से पत्थर ढोने वाले वाहनों का संचालन भी बाधित है। मार्ग से रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ और दूसरी सामग्री भी लाई-ले जाई जाती है। ऐसे में रास्ता लंबे समय तक बंद रहने पर आवश्यक सामान की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

पश्चिम बंगाल से जुड़े अभियंताओं और अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी है। उनका प्रयास सड़क को दोबारा आवागमन योग्य बनाने का है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा। जरूरत पड़ने पर कुछ दिनों के लिए मार्ग को बंद रखकर व्यापक मरम्मत करने पर भी विचार किया जा सकता है।

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े कार्यपालक अभियंता विनंत कुंडू के अनुसार, क्षेत्र की मिट्टी बारिश में कमजोर हो जाती है और भारी वाहनों का भार सहन नहीं कर पाती। इसी कारण सड़क धंसने की समस्या सामने आती है। स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुल के दोनों किनारों पर ऐसी स्थिति बनती है। उन्होंने गार्डवाल या बड़े पुल के निर्माण की मांग की है।

कार्यपालक अभियंता ने बताया कि स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को भेजी गई है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद सड़क को अधिक मजबूती के साथ बनाने की योजना है। फिलहाल मरम्मत पूरी कर यातायात सामान्य करना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिकता है।