पाकुड़ नगर परिषद की करीब दो करोड़ की सड़क योजनाओं पर पार्षदों ने उठाए सवाल

पाकुड़ नगर परिषद के पार्षदों ने सड़क योजनाओं के चयन पर आपत्ति जताते हुए उपायुक्त को आवेदन दिया है। उन्होंने प्रक्रिया रोककर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

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पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में करीब दो करोड़ रुपये की सड़क निर्माण योजनाओं के चयन को लेकर कई पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई है। पार्षदों का आरोप है कि सभी वार्डों की जरूरतों पर विधिवत चर्चा किए बिना चुनिंदा वार्डों के लिए निविदा निकाली गई। उन्होंने उपायुक्त को आवेदन सौंपकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

आवेदन देने वाले पार्षदों के मुताबिक 28 अप्रैल को हुई नगर परिषद बोर्ड की बैठक में सभी 21 वार्डों की योजनाओं पर न तो विस्तृत चर्चा हुई और न ही कोई निर्णय लिया गया। उनका दावा है कि इसके बावजूद केवल 11 वार्डों से जुड़ी योजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिया गया। इन दावों पर नगर परिषद प्रशासन का पक्ष उपलब्ध विवरण में नहीं है।

पार्षदों ने वार्ड संख्या 1, 2, 3, 4, 12, 13, 15, 17, 20 और 21 को विकास कार्यों से बाहर रखने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की बड़ी आबादी रहती है। उन्होंने योजना चयन में इन इलाकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।

रूपाली सरकार, अल्ताफ हुसैन, करीमुल हक, भीम सिंह, आलमगीर अंसारी, मिथुन मरांडी, इस्माइल हांसदा और चंचल सिंह ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज को विस्तृत आवेदन दिया है। आवेदन में जांच पूरी होने तक योजनाओं से संबंधित एकरारनामा और कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है।

पार्षदों ने आवेदन की प्रतिलिपि राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव, संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजने की जानकारी दी है। उनका कहना है कि जांच के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ने से प्रशासनिक और वित्तीय जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में उन्होंने चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी भी दी है। फिलहाल आवेदन पर प्रशासन की प्रतिक्रिया या किसी जांच के आदेश की जानकारी सामने नहीं आई है।