पाकुड़ में दो करोड़ की सड़क योजना के चयन पर विवाद, पार्षदों ने धरने की अनुमति मांगी

नगर परिषद की सड़क योजनाओं के चयन पर आपत्ति जताते हुए कई पार्षदों ने एसडीओ को आवेदन दिया है। उन्होंने आठ अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना देने की अनुमति मांगी है।

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पाकुड़ नगर परिषद की सड़क योजना के चयन का विरोध करते पार्षदों से संबंधित दृश्य

पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की सड़क निर्माण योजना के चयन को लेकर विवाद बढ़ गया है। योजना से वंचित पार्षदों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आठ अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके लिए एसडीओ साइमन मरांडी को आवेदन देकर अनुमति मांगी गई है।

पार्षदों का आरोप है कि सड़क योजनाओं का चयन करते समय निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि उन्होंने इससे पहले भी प्रक्रिया पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर विचार नहीं किया गया। ये सभी बातें पार्षदों की ओर से लगाए गए आरोप हैं।

आवेदन में पार्षदों ने दावा किया है कि विभागीय मंतव्य मिलने तक योजना चयन की प्रक्रिया रोकने की मांग भी की गई थी। उनके अनुसार, इस मांग के बावजूद प्रक्रिया जारी रही। उपलब्ध जानकारी में नगर परिषद प्रशासन का पक्ष या आरोपों पर उसकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रस्तावित धरना आठ अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक आयोजित करने की बात कही गई है। प्रदर्शन का स्थान नगर परिषद कार्यालय के सामने निर्धारित किया गया है। पार्षदों ने विरोध के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी का प्रतीकात्मक पुतला जलाने की चेतावनी भी दी है।

एसडीओ को सौंपे गए आवेदन पर रूपाली सरकार, भीम सिंह, किरण कापरी, असलम अंसारी, मिथुन मरांडी, उज्ज्वल हाड़ी और आलमगीर अंसारी सहित कई पार्षदों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि योजना चयन को लेकर नगर परिषद के कई निर्वाचित प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से आपत्ति उठाई है।

फिलहाल पार्षदों ने प्रशासन से धरने की अनुमति मांगी है और विरोध की तारीख घोषित की है। आगे की स्थिति प्रशासन की अनुमति तथा नगर परिषद की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर निर्भर करेगी। उपलब्ध विवरण में योजना के तहत चुनी गई सड़कों, चयन के नियमों या कार्य प्रारंभ होने की स्थिति का उल्लेख नहीं है।