पाकुड़ सड़क हादसा: हाईकोर्ट ने परिजनों का मुआवजा बढ़ाकर 15.38 लाख रुपये किया

झारखंड हाईकोर्ट ने पिंटू मंडल के परिजनों के लिए तय मुआवजा 6.72 लाख रुपये से बढ़ाकर 15.38 लाख रुपये कर दिया। अदालत ने बीमा कंपनी की वसूली संबंधी मांग भी खारिज कर दी।

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झारखंड हाईकोर्ट ने पाकुड़ जिले के महेशपुर क्षेत्र से जुड़े एक सड़क दुर्घटना मामले में मृतक पिंटू मंडल के परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ा दी है। पहले यह राशि 6.72 लाख रुपये निर्धारित थी, जिसे अदालत ने बढ़ाकर 15.38 लाख रुपये कर दिया।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत में हुई। इसके साथ ही अदालत ने बीमा कंपनी की वह मांग खारिज कर दी, जिसमें वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री होने के आधार पर मुआवजा राशि की वसूली की अनुमति मांगी गई थी।

यह मामला 29 दिसंबर 2013 की दुर्घटना से संबंधित है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, पिंटू मंडल एक वाहन से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया और हादसे में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनके परिजनों के लिए मुआवजे का मामला सामने आया।

बीमा कंपनी ने अदालत के समक्ष दावा किया था कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। कंपनी की दलील थी कि यह स्थिति बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उसने मुआवजा राशि की वसूली की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन का केवल आरोप लगा देना उसे साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कथित उल्लंघन के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की है।

इस निर्णय के बाद पिंटू मंडल के परिजनों को मिलने वाली राशि में 8.66 लाख रुपये की वृद्धि हुई है। अदालत के आदेश में मुआवजे की नई राशि तय करने के साथ बीमा कंपनी की वसूली संबंधी मांग पर भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।