पाकुड़ स्टेशन का रेलवे महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण, पटना-दिल्ली सीधी ट्रेन की मांग की होगी जांच

पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने पाकुड़ स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पटना व दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन की संभावनाओं की जांच कराने का भरोसा दिया।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करतीं पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय

पाकुड़ रेलवे स्टेशन से पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग पर रेलवे संभावनाओं की जांच कराएगा। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने बुधवार को स्टेशन के निरीक्षण के दौरान यह भरोसा दिया। हालांकि, किसी नई ट्रेन को चलाने की स्वीकृति या समय-सारणी की घोषणा अभी नहीं की गई है।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने पहले से स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर भी अधिकारियों से चर्चा की। स्टेशन की कमियों की पहचान कर जरूरी सुधारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

स्थानीय स्तर पर पाकुड़ से पटना और दिल्ली के बीच सीधी रेल सेवा नहीं होने का विषय उनके सामने रखा गया। महाप्रबंधक ने इस मांग को महत्वपूर्ण बताते हुए इसकी व्यावहारिक संभावनाओं का परीक्षण कराने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेन और यात्री सुविधाओं से जुड़े निर्णय मंडल, जोन तथा रेलवे बोर्ड के स्तर पर लिए जाते हैं।

स्टेशन पहुंचने के बाद महाप्रबंधक ने परिसर स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से यात्रियों की जरूरतों, मौजूदा सुविधाओं और प्रस्तावित सुधार कार्यों का विवरण लिया। उनका कहना था कि पाकुड़ जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर करना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है।

गीतिका पांडेय ने लोटामारा कोल साइडिंग का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने सुरक्षा प्रबंध, कोयला लोडिंग की मौजूदा स्थिति और इससे जुड़ी चुनौतियों की समीक्षा की। कोल कंपनी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोडिंग बढ़ाने तथा संबंधित पक्षों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

निरीक्षण के समय डीआरएम विशाल कपूर के साथ परिचालन, वाणिज्य और स्थानीय रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों के स्तर पर अब यात्री सुविधाओं की जरूरतों और सीधी ट्रेन की मांग को संबंधित मंचों तक आगे बढ़ाया जाना है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय परीक्षण और निर्धारित रेलवे प्रक्रिया के बाद ही संभव होगा।