पीएम-किसान की 24वीं किस्त: झारखंड के करीब 19 लाख किसानों को मिले 300 करोड़ रुपये

पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के तहत झारखंड के लगभग 19 लाख किसानों के खातों में डीबीटी से करीब 300 करोड़ रुपये भेजे गए। रांची में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुआ।

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रांची में पीएम-किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के प्रसारण का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत झारखंड के लगभग 19 लाख किसानों के बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। राशि का हस्तांतरण प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर किस्त जारी करने का कार्यक्रम गुजरात के बनासकांठा में आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण रांची स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय माध्यमिक कृषि संस्थान में किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संस्थान के निदेशक डॉ. अभिजीत कर और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 24वीं किस्त में देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई। राज्य मंत्री ने रांची के कार्यक्रम में किसानों से प्राप्त राशि का उचित उपयोग करने को कहा। उन्होंने उन्नत बीजों के इस्तेमाल और प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव फ्रैंकलिन के. खोबुंग ने बताया कि झारखंड में योजना के तहत करीब 19 लाख किसान पंजीकृत हैं। उन्होंने राज्य के अधिकारियों से कहा कि लाभ से वंचित सभी पात्र किसानों को योजना से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषि उन्नति योजना, सिंचाई, सूक्ष्म सिंचाई तथा दलहन और तिलहन मिशन से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई। झारखंड के कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने खेत बचाओ अभियान और पीएम-किसान योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

कृषि निदेशक ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को सचेत किया और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के उपाय बताए। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि लैम्प्स के माध्यम से बीज वितरण जारी है। इसके अलावा खेतों के डिजिटल क्रॉप सर्वे और भूखंडों की जियोफेंसिंग से संबंधित कार्य भी चल रहे हैं।