चतरा जिले के प्रतापपुर में अस्थायी छठ घाट तक पीसीसी सड़क और गार्डवाल बनाने की योजना आठ महीने से वन विभाग की अनापत्ति के इंतजार में रुकी हुई है। निर्माण स्थल वन विभाग की भूमि पर होने के कारण विभाग ने काम रोक दिया है। आवश्यक एनओसी मिलने तक निर्माण दोबारा शुरू नहीं किया जा सकेगा।
यह काम डीएमएफटी योजना मद से स्वीकृत किया गया था। इसके तहत प्रतापपुर-जोरी मुख्य पथ से अस्थायी छठ घाट तक पीसीसी सड़क और गार्डवाल का निर्माण होना है। परियोजना के लिए 60 लाख रुपये से अधिक की राशि मंजूर किए जाने की जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य मुख्य सड़क से घाट तक पहुंचने का मार्ग तैयार करना है।
निर्माण की तैयारी के तहत संवेदक ने कार्यस्थल पर पत्थर, बोल्डर, गिट्टी और बालू पहुंचा दिया था। स्थल पर प्रारंभिक काम भी शुरू किया गया, लेकिन वन विभाग ने भूमि पर बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के निर्माण किए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे रोक दिया। विभाग का कहना है कि एनओसी लिए बिना उसकी भूमि पर सड़क और गार्डवाल नहीं बनाया जा सकता।
संवेदक सत्येन्द्र पासवान के अनुसार, योजना को आठ महीने पहले स्वीकृति मिली थी। उन्होंने दावा किया है कि अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए वह लगातार वन विभाग के कार्यालय जा रहे हैं, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली है। उनके मुताबिक, निर्माण सामग्री स्थल पर पड़ी है और एनओसी प्राप्त होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस बीच यह सवाल भी सामने आया है कि योजना की स्वीकृति और स्थल पर सामग्री पहुंचाने से पहले भूमि संबंधी अनुमति की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई। उपलब्ध जानकारी में एनओसी लंबित रहने का कोई विस्तृत कारण या इसे जारी करने की संभावित समयसीमा नहीं बताई गई है। इसलिए निर्माण कब आगे बढ़ेगा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
प्रतापपुर के इस घाट पर स्थानीय लोग पूजा-पाठ करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यहां पहले घाट और चबूतरे से जुड़े कुछ काम कराए जा चुके हैं। मौजूदा योजना का भविष्य अब वन विभाग की अनुमति पर निर्भर है। एनओसी जारी होने के बाद ही स्वीकृत पीसीसी मार्ग और गार्डवाल का निर्माण आगे बढ़ सकेगा।