रांची स्थित झारखंड विद्युत निरीक्षणालय ने राज्यभर के पूजा पंडालों में अस्थायी विद्युतीकरण और सजावट के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। आयोजकों से कहा गया है कि बिजली संबंधी सभी काम भारतीय विद्युत नियमावली और निर्धारित रेगुलेशन के अनुरूप कराए जाएं। विद्युतीकरण की जिम्मेदारी केवल लाइसेंसधारी ठेकेदार को देने और पूजा अवधि के लिए अधिकृत विद्युत पर्यवेक्षक रखने का निर्देश भी दिया गया है।
हर पंडाल में कम से कम दो अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य होगी। बिजली के उपकरणों के साथ धातु से बनी संरचनाओं को भी ठीक तरीके से अर्थिंग से जोड़ना होगा। विद्युत नियंत्रण कक्ष और पैनल भीड़ वाले हिस्से से अलग सुरक्षित स्थान पर रखने तथा वहां विद्युतकर्मियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियंत्रण कक्ष के बाहर सूचना बोर्ड भी लगाना होगा।
निरीक्षणालय ने स्वीकृत लोड के अनुसार तार का आकार चुनने और कम क्षमता वाले तार का उपयोग नहीं करने की हिदायत दी है। जनरेटर के लिए क्षमता के अनुरूप मेन स्विच तथा चेंजओवर स्विच लगाना होगा। ट्रांसफॉर्मर और एबी स्विच से छेड़छाड़ नहीं करने, थ्री-पिन प्लग-सॉकेट लगाने और बच्चों की पहुंच से तार व स्विच बोर्ड दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडाल और प्रवेश द्वार को ओवरहेड बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी पर रखना होगा। सड़क पार तार ले जाने की जरूरत पड़ने पर उसे जीआई बीयरर वायर के साथ उचित ऊंचाई पर लगाने को कहा गया है, ताकि वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। जहां संभव हो, सड़क पार कराने के लिए भूमिगत केबल इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
विद्युत नियंत्रण कक्ष में रबर मैट, अग्निशामक यंत्र, सूखी बालू वाली बाल्टी, प्राथमिक उपचार बॉक्स, बिजली के झटके के उपचार का चार्ट, मानक खतरे की तख्ती और रबर के दस्ताने रखने होंगे। कटे या क्षतिग्रस्त तार इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे और तारों के जोड़ इंसुलेटिंग टेप से सुरक्षित करने होंगे। फ्यूज में भी सही क्षमता का तार लगाने को कहा गया है।
आयोजकों को प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार बनाने तथा केवल आईएसआई चिह्नित विद्युत सामग्री और उपकरण इस्तेमाल करने का निर्देश मिला है। पंडाल में बिजली की सजावट तभी की जा सकेगी, जब झारखंड बिजली वितरण निगम से आवश्यक विद्युत भार की स्वीकृति मिल जाए। निरीक्षणालय ने सभी पूजा समितियों से इन मानकों का पालन करते हुए बिजली का सुरक्षित और उचित उपयोग करने की अपील की है।