रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पेशी के लिए सोमवार की तारीख तय की है। अदालत ने उन्हें सोमवार शाम चार बजे तक पेश होने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति भी दी गई है।
हेमंत सोरेन के अधिवक्ता ने अदालत में आवेदन देकर कहा कि मुख्यमंत्री अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों में व्यस्त हैं और शनिवार को उनका उपस्थित होना संभव नहीं है। अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि सोरेन आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया के लिए तैयार हैं। इसके बाद सुनवाई की अगली तारीख सोमवार निर्धारित की गई।
इससे पहले हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। उन्होंने विशेष पीएमएलए अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने और डिस्चार्ज याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद निचली अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है।
यह मामला बड़गाईं क्षेत्र की जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और हस्तांतरण से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और सरकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जमीन हासिल की गई। एजेंसी ने सोरेन के जमीन पर कथित कब्जे और उससे संबंध होने के दावे भी किए हैं।
ईडी ने जनवरी 2024 में इस मामले में हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था और उन्हें पांच आरोपियों में शामिल किया था। झारखंड हाईकोर्ट ने जून 2024 में उन्हें जमानत दे दी थी। मामले के कई अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं।
हेमंत सोरेन अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों से इनकार करते रहे हैं और उन्हें बेबुनियाद बताते हैं। अब सोमवार की पेशी के बाद विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय करने से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक कार्यवाही के आधार पर ही होगा।