रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने बड़गाई जमीन मामले से जुड़ी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दो आपराधिक याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है। बुधवार की सुनवाई में सोरेन के अधिवक्ताओं ने दोनों याचिकाओं पर अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। फिलहाल इन याचिकाओं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में अपना जवाब पहले ही दाखिल कर दिया था। मुख्यमंत्री की ओर से पेश वकीलों ने उस जवाब पर प्रति उत्तर देने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा। हाई कोर्ट ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सुनवाई को 2 दिसंबर तक स्थगित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने ईडी की विशेष अदालत के दो अलग-अलग आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। पहली आपराधिक याचिका विशेष अदालत द्वारा उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के फैसले से संबंधित है। इस याचिका के माध्यम से उस आदेश की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है।
दूसरी याचिका में अभियोजन स्वीकृति के बिना विशेष अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है। अब हाई कोर्ट इन दोनों मुद्दों पर आगे की सुनवाई करेगा। अगली तारीख से पहले मुख्यमंत्री की ओर से ईडी के जवाब पर प्रति उत्तर दाखिल किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
बुधवार की कार्यवाही मुख्य रूप से जवाब और प्रति उत्तर दाखिल करने की प्रक्रिया तक सीमित रही। इसलिए सुनवाई स्थगित होने को मामले के गुण-दोष पर अदालत की अंतिम टिप्पणी या फैसला नहीं माना जा सकता। दोनों याचिकाओं में उठाए गए कानूनी प्रश्नों पर आगे की कार्यवाही 2 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में जारी रहेगी।