सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर स्थित बतरबेड़ा गांव में दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन हुआ। कुल 48 टीमों वाली इस प्रतियोगिता के निर्णायक मुकाबले में पान-तांती कल्याण समिति ने गुरमा एफसी को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया। मुकाबले के दौरान मैदान के चारों ओर बड़ी संख्या में दर्शक जुटे रहे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते दिखाई दिए। गुरमा एफसी प्रतियोगिता की उपविजेता टीम रही।
विजेता पान-तांती कल्याण समिति को पुरस्कार के रूप में एक खस्सी और 35 हजार रुपये नकद दिए गए। उपविजेता गुरमा एफसी को भी एक खस्सी के साथ 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। झामुमो के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, पार्टी नेता एवं समाजसेवी कालीपद सोरेन, रामजीत हांसदा, भक्तु मार्डी, दुर्गा लाल मुर्मू और बीटी दास सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया।
आयोजकों के अनुसार, बतरबेड़ा में फुटबॉल प्रतियोगिता की परंपरा वर्ष 1946 से चली आ रही है। इसका आयोजन हर वर्ष सितंबर के दूसरे रविवार को किया जाता है। इस लंबे सिलसिले के कारण प्रतियोगिता स्थानीय खेल गतिविधि के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का भी हिस्सा बन गई है।
इस बार भी खिलाड़ियों के साथ ग्रामीणों और खेलप्रेमियों ने आयोजन में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। हजारों दर्शकों की मौजूदगी और 48 टीमों की भागीदारी ने ग्रामीण क्षेत्र में फुटबॉल के प्रति रुचि को रेखांकित किया। आयोजन के समापन पर अतिथियों ने ऐसी प्रतियोगिताओं को युवाओं के लिए खेल में आगे बढ़ने का उपयोगी मंच बताया।