रांची में पैरा एथलीट पुष्पा मिंज आर्थिक कठिनाइयों के बीच सब्जी बेचकर अपना जीवन चला रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक हासिल किया है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उनके नाम स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हैं।
पुष्पा सुबह करीब साढ़े छह बजे कड़रू ब्रिज के नीचे सब्जी की दुकान लगाती हैं और लगभग दस बजे तक वहां रहती हैं। शाम में वह चार बजे से रात आठ बजे तक दोबारा सब्जी बेचती हैं। वह वर्ष 2020 से इसी काम के सहारे अपना खर्च पूरा कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुष्पा रांची में किराये के मकान में रहती हैं और उन्हें हर महीने करीब दो हजार रुपये किराया देना पड़ता है। उनका कहना है कि सब्जी की रोजाना बिक्री लगभग 100 से 200 रुपये तक होती है। कई बार सामान नहीं बिकने पर सब्जियां खराब हो जाती हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने खेल का अभ्यास नहीं छोड़ा है। वह अब भी थ्रोबॉल की प्रैक्टिस करती हैं, लेकिन अभ्यास स्थल तक आने-जाने का खर्च उनके लिए चुनौती बना हुआ है। उन्होंने खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था तथा थ्रोबॉल के लिए अलग मैदान उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, पुष्पा नेपाल, थाईलैंड और कंबोडिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। उन्होंने अपने खेल सफर में कोच मुकेश के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात भी की थी और खिलाड़ियों का सम्मान किया गया था।
पुष्पा ने दावा किया है कि प्रतियोगिता में हुए खर्च की राशि लौटाने की बात कही गई थी, लेकिन वह रकम अब तक नहीं मिली। उनकी प्रमुख मांग नौकरी की है, ताकि आय का स्थिर साधन मिलने के बाद वह सब्जी बेचने के बजाय नियमित अभ्यास और आगे की प्रतियोगिताओं की तैयारी पर अधिक ध्यान दे सकें।