बरकट्ठा के शिलाडीह में जर्जर सड़कों और जलजमाव से ग्रामीण परेशान

शिलाडीह पंचायत की बदहाल सड़कों से बरसात में आवागमन कठिन हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक मरीजों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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बरकट्ठा के शिलाडीह में जलजमाव और कीचड़ से प्रभावित मुख्य सड़क

हजारीबाग जिले के बरकट्ठा क्षेत्र की शिलाडीह पंचायत में जर्जर सड़कों और जलजमाव ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर गड्ढे और कीचड़ होने के कारण बरसात के दौरान सामान्य आवागमन भी मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

बारिश के बाद सड़क के कई हिस्सों में पानी भरने से पैदल चलने वाले लोगों को भी कठिनाई होती है। ग्रामीणों के अनुसार, खराब रास्ते के कारण वाहन चालक गांव तक आने से कतराते हैं। इसका सबसे गंभीर असर उस समय दिखाई देता है, जब किसी मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ती है।

सड़क की बदहाली से स्कूली बच्चों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि खराब रास्ते के चलते स्कूल बसें गांव तक नहीं पहुंच पातीं। आदिवासी विकास उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुजीब अंसारी के मुताबिक, छोटे बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय ग्रामीण कार्तिक करण देव और राजकुमार गिरी का कहना है कि दो दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी सड़क की सुध नहीं ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने मुखिया, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कई बार समस्या रखी, लेकिन अब तक उन्हें आश्वासन के अलावा ठोस नतीजा नहीं मिला।

पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि और समाजसेवी शमीम अंसारी ने बताया कि सड़क के निर्माण तथा मरम्मत की मांग को लेकर सांसद, विधायक और उपायुक्त को कई बार लिखित आवेदन दिया गया है। उनके अनुसार, इन आवेदनों के बावजूद धरातल पर प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि जलजमाव और कीचड़ से प्रभावित मार्ग की मरम्मत कर आवागमन सुगम बनाया जाए। सड़क की मौजूदा स्थिति से रोजमर्रा की यात्रा के साथ शिक्षा और आपात चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है। लगातार बनी समस्या के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता है।