रामगढ़ जिले के नया नगर बरकाकाना में दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष करीब 70 फीट ऊंचा पंडाल बनाया जा रहा है, जिसे शीशे, सीप और थ्रीडी पेंटिंग की कलाकारी से सजाया जाएगा। बंगाल से आए कारीगर निर्माण कार्य को अंतिम रूप दे रहे हैं।
यहां दुर्गा पूजा और विशाल मेले के आयोजन की परंपरा 78 वर्षों से चली आ रही है। इस बार पंडाल को कोलकाता में बने एक पंडाल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल के निर्माण पर लगभग 13 लाख रुपये खर्च होने हैं, जबकि मूर्ति, रोशनी और ध्वनि व्यवस्था सहित आयोजन का कुल अनुमानित खर्च करीब 30 लाख रुपये बताया गया है।
विद्युत सज्जा के लिए लगभग आठ लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दूधिया रोशनी के साथ पौराणिक कथाओं और प्राचीन मंदिरों की झलक दिखाने वाले लाइट बोर्ड लगाए जाएंगे। रांची के मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं, जिन पर करीब एक लाख 91 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। विधिवत पूजा के लिए पांच पुजारियों की व्यवस्था भी की गई है।
मेला तीन अलग-अलग मैदानों में संचालित होगा। एक मैदान में मीना बाजार, दूसरे में झूले और अन्य मनोरंजन के साधन रहेंगे, जबकि तीसरे मैदान में रावण दहन किया जाएगा। टावर, ब्रेक डांस, नाव और ड्रैगन झूलों के अलावा जलपरी, भूलभुलैया और शिवखोड़ी गुफा की तर्ज पर तैयार आकर्षण भी लगाए जा रहे हैं।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिसर में 60 सीसीटीवी कैमरे, दो ड्रोन कैमरे और दो हेड काउंटिंग कैमरे लगाए जाएंगे। निगरानी के लिए कमांड सेंटर बनेगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतारें, सुरक्षित आवागमन, आपातकालीन निकास और अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस, प्रशासन, सीसीएल के सुरक्षा कर्मियों और पूजा समिति के स्वयंसेवकों के बीच समन्वय की योजना बनाई गई है। समिति ने अभिभावकों से बच्चों की जेब में नाम, पता और मोबाइल नंबर रखने को कहा है, ताकि भीड़ में बिछड़ने की स्थिति में परिवार से संपर्क किया जा सके। आयोजन में स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।