साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने और जमा करने के मामले की पुलिस जांच तेज हो गई है। पुलिस ने आहुतग्राम पंचायत के इस्लामपुर गांव स्थित एक प्रज्ञा केंद्र से कंप्यूटर सेट, प्रिंटर और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। इनकी जांच के आधार पर प्रमाणपत्रों की सत्यता और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन के क्रम में कुछ प्रमाणपत्रों के कथित रूप से फर्जी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गई। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के निर्देश पर बरहरवा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच से होनी है। पुलिस यह देख रही है कि कथित प्रमाणपत्र किन परिस्थितियों में तैयार किए गए और उन्हें बनाने या जमा करने में किन लोगों की भूमिका रही।
सोमवार को पुलिस टीम इस्लामपुर गांव पहुंची और प्रज्ञा केंद्र संचालक मो. समीम के केंद्र से उपकरण तथा दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। पुलिस अब जब्त कंप्यूटर और प्रिंटर की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।
जांच के दौरान बरहरवा के प्रखंड विकास पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। पुलिस उनके बयान के साथ जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाली जानकारी को अनुसंधान का आधार बना रही है।
थाना प्रभारी सुमित कुमार सिंह के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। जब्त सामग्री की पड़ताल और अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।